पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के लिए दसवीं पास होने के अलावा अन्य शर्तें लागू किए जाने के बाद हरियाणा की भाजपा सरकार अब नगर निकाय चुनावों में भी नया प्रयोग कर सकती है।
पार्टी का मानना है कि अगर नगर निकायों के सीधे चुनाव करवा दिए जाएं तो धनबल और बाहुबल पर रोक लग जाएगी। भाजपा विधायक दल की मंगलवार को हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई है।
माना जा रहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र के बाद सरकार इस मसले पर गंभीरता से विचार कर सकती है। यदि यह योजना सिरे चढ़ी तो नगर परिषद और पालिकाओं के अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के बजाय सीधे जनता द्वारा किया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि चूंकि यूपी और एमपी में इस तरह का प्रावधान पहले से ही है। लिहाजा, हरियाणा में भी इसे लागू किया जा सकता है।