चंडीगढ़। दिव्यांग बच्चों को विभिन्न खेलों में उनकी रुचि के अनुसार खेलों में आगे बढ़ाने के लिए स्पेशल खेल पॉलिसी बनने जा रही है। जिसके तहत दिव्यांग खिलाड़ियों को भी शहर में बेहतर कोचिंग, इंटरनेशनल स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
शहर के सामान्य खिलाड़ियों के लिए खेल पॉलिसी बने हुए दो वर्ष हो चुके है। इसका फायदा भी खिलाड़ियों को मिलना शुरू हो चुका है। जिसके तहत खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप के साथ कैश अवार्ड मिलने भी शुरू हो चुके हैं। इसके बाद अब शहर के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेल पॉलिसी बनने की प्रक्रिया पर जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है।इसके तहत दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल परिसर में अभ्यास करने का मौका मिलेगा, इसके साथ ही कई अन्य सुविधाएं भी इन खिलाड़ियों को मिल सकती हैं।
यूटी के खेल विभाग ने इसे गंभीरता के साथ लेते हुए इस पर काम करना शुरू कर दिया है। इससे पहले खेल विभाग ने वर्ष 2023 में यूटी की पहली नई स्पोर्ट्स पॉलिसी में सामान्य खिलाड़ियों के बराबर ही दिव्यांगों को बराबर कैश अवार्ड देने का फैसला लिया जा चुका है। लेकिन दिव्यांग बच्चों और खिलाड़ियों को कई अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, इसे लेकर कई सुझाव मिले थे। जिसके तहत अब इनके लिए खेल पॉलिसी बनाने का फैसला लिया गया है।
खेल परिसरों में अभ्यास करने की अनुमति, कोचिंग निशुल्क
शहर में दिव्यांग खिलाड़ी समय समय पर देश और विदेशों में होने वाली प्रतियोगिताओं में अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए सबको चकित कर रहे है। इनके साहस को देखते हुए यूटी के खेल विभाग ने शहर के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स और ग्राउंड पर अभ्यास करने के लिए अनुमति दी है। इनसे कोचिंग के लिए किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाएगी। दिव्यांग बच्चों और खिलाड़ियों के लिए सेक्टर-34 और सेक्टर-23 में ऑल वेदर स्वीमिंग पूल इस्तेमाल करने को दिए है, जिससे स्वीमिंग के खेल में वे अपना बेहतर कर सके। यहां कोचिंग भी बेहतर मिलेगी।