लोन चुकाने के बाद और एसबीआई की ओर से नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी होने के बाद भी ब्याज के रूप में राशि सेविंग अकाउंट से काटे जाने पर उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
उपभोक्ता फोरम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 33 हजार 208 रुपये उनके सेविंग अकाउंट में रिवर्स करे। साथ ही सेवा में कोताही के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च दे। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 ने सुनवाई के बाद दिया है।
नीलम कुमारी निवासी सेक्टर-22 ए चंडीगढ़ ने पंजाब यूनिवर्सिटी ब्रांच सेक्टर-12 के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ दी शिकायत में बताया कि उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 23 जून 2006 को दो लाख 25 हजार रुपये एडिशनल हाउस लोन लिया।
लोन चुकाने के बाद बैंक ने उन्हें 8 अक्तूबर 2013 को नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया। साथ ही टाइटल डीड भी रिलीज की। इसके बाद भी उनके सेविंग अकाउंट से 33 हजार दो सौ आठ रुपये ब्याज के रूप में काट लिए गए। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।