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कराहती रही गर्भवती, नहीं मिली मदद तो शौचालय में जन्मी बेटी

Sun, 20 Sep 2015 05:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
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करीब दो घंटे प्रसव पीड़ा के बाद गर्भवती महिला ने शौचालय में ही बेटी को जन्म दिया। मामला हरियाणा के भिवानी का है। शौचालय में गिरने से नवजात बच्ची को हलकी चोट आई।
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लापरवाही इस कदर रही कि डिलीवरी के बाद भी महिला काफी देर तक शौचालय में मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिल उसे कोई संभालने नहीं आया। अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

मामला शनिवार दोपहर 12:25। सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में प्रेमनगर गांव निवासी महिला सुमन ने शौचालय में बेटी को जन्म दिया। बच्ची के गिरने से हलकी चोट आई। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला चिल्लाई तो परिजन व स्टाफ सदस्य शौचालय पहुंचे।
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वहां महिला दर्द से कराह रही थी और बच्ची भी नीचे गिरी थी। स्टाफ नर्स बच्ची को उठाकर लाई। परिजनों को इसका पता लगा तो हंगामा शुरू हो गया। जच्चा-बच्चा वार्ड के बाहर बैठे परिजनों जबरन वार्ड के शौचालय की ओर जाने का प्रयास किया तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका, जिस पर खूब हंगामा हुआ और तीखी नोकझोंक हुई।

धक्का-मुक्की भी हुई। सूचना पर कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. रघुवीर शांडिल्य भी जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे और परिजनों और स्टाफ से बातचीत की।
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प्रसव पीड़ा से कराहती रही, स्टाफ सदस्य ने नहीं ‌दिया ध्‍यान

परिजन अजमेर सिंह ने बताया कि उसकी भाभी को सुबह साढ़े तीन बजे लाए थे। साढ़े 12 बजे तक कई बार स्टाफ सदस्यों के पास जांच के लिए गए। हर बार एक ही जवाब मिला कि अपने आप हो जाएगा।

उसकी भाभी प्रसव पीड़ा से कराह रही थी और स्टाफ सदस्य कोई ध्यान नहीं दे रहे थे। 10 बजे उसकी भाभी की फाइल बनी है। मेरी बहन बार-बार स्टाफ नर्स से जांच की गुहार लगाती रही। शौचालय में डिलीवरी के बाद बच्ची को तो स्टाफ नर्स ने उठा लिया मगर भाभी वहीं गिरी रही।

जसमेर के घर आई पांचवीं बच्ची: शौचालय में बच्ची को जन्म देने वाली सुमन को पहले भी चार बेटियां है। यह उनकी पांचवीं बच्ची है। जसमेर के छोटे भाई अजमेर सिंह ने बताया कि उन्हें बेटी होने की खुशी है। मगर स्टाफ की लापरवाही से बच्ची को चोट लगी है इस बार की नाराजगी भी है। अस्पताल में मरीजों की कोई देखभाल नहीं होती।

डा. रघुवीर शांडिल्य, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सामान्य अस्पताल महिला के टॉयलेट में डिलीवरी का मामला सामने आया है। दरअसल महिला बिना बताए, बिना स्टाफ या अटेंडेंट को साथ लिये शौचालय गई। अगर बता देती तो स्टाफ वहीं व्यवस्था करती। परिजनों ने इस पर गुस्सा करते हुए सुरक्षा कर्मियों से मारपीट भी की है। फिर भी मामले की जांच करवाई जाएगी।
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