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काशी के बाद कुरुक्षेत्र की उम्मीदें भी जगीं

Tue, 02 Sep 2014 12:59 AM IST
राजेश शांडिल्य/ अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
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जापान के शहर क्योटो की तर्ज पर काशी विकसित होगी। जापान के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक इसके लिए एक समझौता हुआ है।
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यूपी की आध्यात्मिक नगरी काशी स्मार्ट सिटी बनेगी तो अब हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की उम्मीदें भी जग गई हैं। प्रधानमंत्री, क्योटो और काशी के अलावा दुनिया को कर्म का संदेश देने वाले कुरुक्षेत्र की राशि भी एक है।

दशकों से राजनीतिक दलों के नेता कुरुक्षेत्र को देश की हेरिटेज सिटी और हरियाणा की सांस्कृतिक राजधानी की संज्ञा देते रहे हैं।

सांस्कृतिक नगरों की शृंखला में कुरुक्षेत्र भी अग्रणी है। पीएम ने भारत के आध्यात्मिक विरासत वाले शहरों को सांस्कृतिक नगरों के रूप में विकसित करने की प्रबल इच्छा जाहिर की है।
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अप्रैल में प्रधानमंत्री बनने से पहले कुरुक्षेत्र आने और पीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद बीते महीने कैथल पहुंचे मोदी ने धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का गुणगान किया था। अब कुरुक्षेत्र को भी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने की उम्मीद जगी है।  

ये हैं कुरुक्षेत्र के गौरव
गीता जन्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ, श्रृष्टि पर विराजमान 52 में से एक मां भद्रकाली शक्तिपीठ, आदि तीर्थ स्थाणु, प्रचीनतम सरस्वती तीर्थ, सूर्यकुंड, ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, सात वन, चार यक्ष, हिंदू सम्राट हर्षवर्धन की राजधानी थानेसर, महात्मा बुद्ध और दस में से आठ सिख गुरुओं के आगमन का गवाह, 365 प्राचीनतम मंदिर, प्राचीन बौद्ध स्तूप, गुरुद्वारे, ईरान के सूफी संत शेख चेहली का 400 साल पुराना ऐतिहासिक मकबरा मौजूद है।
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इतिहास और आधुनिकता का ताममेल
सर्वधर्म सौहार्द का प्रतीक कुरुक्षेत्र जहां हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध और सिख धर्म के प्राचीन इतिहास को संजोए हुए है, वहीं आधुनिक दौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई विख्यात धार्मिक संस्थाओं के पवित्र स्थलों के रूप में तिरुपति ट्रस्ट की ओर से तिरुपति मंदिर और इस्कान ट्रस्ट द्वारा इस्कान टेंपल का निर्माण हो रहा है। अक्षर धाम मंदिर के निर्माण की भी तैयारी है।
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