करीब आठ माह के अंतराल के बाद सोमवार को पंजाब में कॉलेज और विश्वविद्यालय फिर से खुल गए हैं। राज्य सरकार ने इसी महीने सूबे में कंटेनमेंट जोनों के बाहर स्थित शैक्षिक संस्थान खोलने का फैसला किया था।
सोमवार को खोले गए सभी कालेजों और विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक विभागों को पंजाब स्वास्थ्य विभाग और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में कंटेनमेंट जोनों के बाहर सभी उच्च शिक्षा, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान व तकनीकी शिक्षण संस्थान और सभी विश्वविद्यालयों को 16 नवंबर से फिर से खोलने की अनुमति दी गई थी। ये सभी शैक्षिक संस्थान कोरोना महामारी के कारण इस साल 24 मार्च से बंद थे।
केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत शैक्षिक संस्थानों को फिर से खोलने के पहले चरण में साइंस, मेडिसन, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी शिक्षा संबंधी विभागों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू की गई हैं, क्योंकि इन विभागों में छात्रों को प्रैक्टिकल अभ्यास की जरूरत होती है। इसके बाद बाकी कक्षाएं खोलने का फैसला किया गया था।
दूसरी ओर, हॉस्टलों के बारे में जारी दिशा-निर्देशों के तहत एक कमरे में केवल एक विद्यार्थी को ही रहने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों और स्टाफ के आने-जाने के लिए अलग-अलग गेटों की व्यवस्था करनी होगी। इनके अलावा, कक्षाओं में विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइजेशन, अनिवार्य तौर पर मास्क पहनना और कक्षा में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए 50 फीसदी से अधिक छात्रों को कक्षा में नहीं बैठाया जाएगा।
पहले दिन कम रही हाजिरी
सोमवार को कॉलेज खुलने के पहले दिन कक्षाओं में हाजिरी बहुत कम दर्ज हुई। हालांकि कॉलेजों में पहुंचे छात्रों ने नियमित कक्षाएं शुरू होने पर खुशी जाहिर की। कुछ विद्यार्थियों ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से उन्हें कुछ मदद तो अवश्य मिली लेकिन यह व्यवस्था नियमित कक्षाओं का मुकाबला नहीं कर सकती। कक्षा में पढ़ाई का अलग माहौल रहता है।