शहर के गवर्नमेंट कॉलेज प्रोफेसर्स के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर ली गई है। नए सिस्टम के तहत शहर के 5 गवर्नमेंट कॉलेजों को दो जोन में बांटा गया है। नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 8 साल की सर्विस के बाद हर प्रोफेसर का तबादला तय कर दिया है। सभी तबादले ऑनलाइन और मेरिट प्वाइंट सिस्टम के तहत ही होंगे।
नई ट्रांसफर पॉलिसी से एक ही कॉलेज में 25 से 30 सालों से जमे हुए प्रोफेसर का तबादला अब तय है। ट्रांसफर पॉलिसी से गवर्नमेंट कॉलेजों में 70 फीसदी से अधिक प्रोफेसर्स की अगले सत्र में ट्रांसफर हो सकता है। ट्रांसफर पॉलिसी पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर आने वाले प्रोफेसर पर भी लागू होगी। जानकारी अनुसार 2017-18 (जुलाई) सत्र से ट्रांसफर पॉलिसी लागू हो जाएगी। मामले में गठित हाई पावर कमेटी ने ट्रांसफर पॉलिसी ड्राफ्ट तैयार कर डायरेक्टर हायर एजुकेशन विभाग को सौंप दी है। ट्रांसफर पॉलिसी की फाइल अंतिम मुहर के लिए प्रशासक के पास भेजी गई है। चंडीगढ़ के पांच गवर्नमेंट डिग्री कॉलेजों में करीब 600 प्रोफेसर नियुक्त हैं। कई प्रोफेसर तो पूरी नौकरी एक ही कॉलेज में कर रिटायर हो गए।
नई ट्रांसफर पॉलिसी फिलहाल रेगुलर प्रोफेसर पर ही लागू होगी। कॉलेजों प्रिंसिपल को नई ट्रांसफर पॉलिसी से छूट दी गई है। नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत जीसी-11 और जीसीजी-11 को जोन-1 में और जीसीजी-42,जीसी-46, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज सेक्टर-50 जोन-2 में बांटा गया है। नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 8 साल बाद प्रत्येक प्रोफेसर का तबादला तय कर दिया है। विशेष परिस्थितियों में इसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
रिटायरमेंट में एक साल बचे प्रोफेसर को ट्रांसफर से छूट दी गई है। एक जोन में कम से कम तीन साल जरूरी होगा। प्रोफेसर का तबादला एकेडमिक सत्र की शुरूआत से पहले ही कर दिया जाएगा।। ट्रांसफर आदेश के दो दिन के भीतरं ज्वाइनिंग करना होगा।
प्वाइंट सिस्टम से होगा तबादला
- फोटो : Demo Pic
78 अंक की होगी तबादला मेरिट लिस्ट, प्वाइंट सिस्टम से होगा तबादला
कॉलेज प्रोफेसर का तबादल प्वाइंट सिस्टम और मेरिट आधार पर होगा। ट्रांसफर पॉलिसी के लिए 78 अंक रखे गए हैं। जिसमें प्रोफेसर की आयु( अधिकतम 58 ) , महिला प्रोफेसर को (10), स्पेशल कै टेेगरी (5), दिव्यांग(20) गंभीर बीमारी से पीड़ित(10), दिव्यांग बच्चा होने पर(10) और बेहतर टीचिंग के अधिकतम (5) अंक तय किए गए हैं। प्रोफेसर को 75 से 80 प्रतिशत पर 1 और 95 से 100 फीसदी रिजल्ट देने पर 5 अंक मिलेंगे। तबादला पूरी तरह मेरिट और ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत होंगे। 6 महीने से अधिक समय तक कैजअल,मैटर्रनिटी,अर्न्ड लीव,स्टडी लीव से खाली सीटों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
एनएसएस ऑफिसर का भी होगा तबादला
सभी गवर्नमेंट कॉलेजों में एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर को बनाया गया है। जिन्हें खास ट्रेनिंग के बाद नियुक्त किया जाता है। नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत एनएसएस ट्रेंड प्रोफेसर का भी तबादला होगा। यूटी प्रशासन एनएसएस टीचर्स तैयार करने के लिए दूसरे प्रोफेसर को ट्रेनिंग दिलाएगा। ट्रांसफर के खिलाफ 15 दिन तक शिकायत दर्ज करनी होगी। विभाग ट्रांसफर को लेकर सिफारिश करने वाले प्रोफेसर के खिलाफ सर्विस रूल्स के तहत कड़ी कार्रवाई करेगा।
गवर्नमेंट कॉलेजों के टीचर्स के लिए ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। मामले में गठित कमेटी ने कई सुझाव भी दिए हैं। शिक्षा सचिव से अनुमति के बाद नई ट्रा्ंसफर पॉलिसी को अगले सत्र 2017 से लागू कर दिया जाएगा। ट्रांसफर एकेडमिक सत्र के शुरू में ही किए जाएंगे।
जितेंद्र यादव, डायरेक्टर हायर एजुकेशन चंडीगढ़