देश की राजधानी दिल्ली की तर्ज पर अब चंडीगढ़ में भी कार फ्री डे मनाया जाएगा। प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बड़े स्तर पर इसका आयोजन किया जाएगा। इसके लिए एक निश्चित जगह के बजाए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का चयन किया जाएगा।
अगले कुछ दिन में इसके लिए दिन निर्धारित कर लिया जाएगा। उसके बाद हर माह उसी तारीख को कार फ्री डे रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि चंडीगढ़ में बेहतर तरीके से कार फ्री डे शुरू किया जा सकता है। यहां की सड़कें दिल्ली की तरह संकरी नहीं हैं। दिल्ली के मुकाबले वाहनों की संख्या भी कम है।
कार फ्री डे करने से पहले उससे जुड़ी चीजों पर प्रशासन काम करेगा। कार फ्री डे की वजह से लोगों को दिक्कत न हो। इसके लिए वैकल्पिक रोड के बारे में जानकारी दी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस केसाथ वॉलंटियर्स को भी इसकी जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है। 22 सितंबर को दुनिया भर में ‘वर्ल्ड कार फ्री डे’ के तौर पर मनाया जाता है(
हर साल एक लाख नए वाहन
चंडीगढ़ में हर दो से ढाई महीने में 10 हजार वाहन नंबर रजिस्टर्ड हो रहे हैं। रोजाना सड़कों पर 50 हजार से अधिक कारें निकलती हैं। 15 हजार के करीब ऑटो दौड़ते हैं। बसों, कॉमर्शियल वाहनों की संख्या अलग है। ऐसे में कार फ्री डे करने से ट्रैफिक का ताना-बाना बिगड़ सकता है। कार फ्री डे करने से पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी मजबूत करना होगा।
चंडीगढ़ में भी कार फ्री डे मनाने की तैयारी की जा रही है। बड़े एरिया में इसको शुरू किया जाएगा। लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए पहले ट्रैफिक मैनेजमेंट पर काम किया जाएगा। जल्द ही इसकी तिथि भी निर्धारित कर ली जाएगी।
-विजय कुमार देव, एडवाइजर