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अमेरिका के बाद अब यूके में सख्ती शुरू: 71 हजार शरणार्थियों की फाइलें होंगी रद्द, भेजा जाएगा वापस

Thu, 13 Feb 2025 10:53 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो
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जालंधर। अमेरिका के बाद अब यूके सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। 71 हजारशरणार्थियों की फाइलें रद्द कर उन्हें वापस अपने देश भेजा जाएगा। सरकार ने नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे छोटी नाव से यूके आने वाले शरणार्थी के लिए ब्रिटिश नागरिक बनना लगभग असंभव हो गया है। नए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जो कोई भी व्यक्ति खतरनाक यात्रा करके अवैध रूप से यूके में प्रवेश करता है, जो नाव के माध्यम से हो सकती है, लेकिन वाहन में छिपकर भी हो सकती है, उसे नागरिकता देने से मना कर दिया जाएगा, चाहे कितना भी समय बीत गया हो। कड़े उपायों से यह स्पष्ट हो गया है कि जो कोई भी अवैध रूप से यूके में प्रवेश करता है, उसका ब्रिटिश नागरिकता आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। अमेरिका के ट्रंप-2 के कार्यकाल में अवैध घुसने वालों को वापस भेजा जा रहा है। कनाडा से भी पांच लाख को वापस भेजने की तैयारियां चल रही हैं। वहीं अब यूके ने भी अवैध लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नियम बना दिया है कि अवैध रूप से यूके में आने वाले को ताउम्र सिटीजनशिप नहीं मिलेगी।
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इससे पहले, अनियमित मार्गों से आने वाले शरणार्थियों को विचार किए जाने से पहले 10 साल तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। यूके कानून के तहत, बिना अनुमति के देश में प्रवेश करना अब अपराध है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय कानून कहता है कि शरणार्थियों को अवैध प्रवेश के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। शरणार्थी परिषद का अनुमान है कि मार्गदर्शन कम से कम 71,000 शरणार्थियों को ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त करने से रोकेगा। इसमें काफी संख्या में भारतीय भी हैं, जो यूरोप का वीजा लेकर नाव से यूके में घुसने में कामयाब हो गए हैं। यूके के रहने वाले किरपाल सिंह का कहना है कि पंजाबियों की संख्या भी कम नहीं है, जो यूके के सिटीजन का सपना लेकर अवैध रूप से आ गए हैं।
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