गुहला-चीका। नगर पालिका द्वारा हटाए गए कर्मचारियों की बहाली के लिए छह दिनों से अनशन कर रहे लोगों की प्रशासन को आखिरकार बुधवार शाम याद आ ही गई।
छह दिनों से शहीद ऊधम सिंह चौक पर भूख हड़ताल पर बैठे समाज सेवी जगजीत सिंह व सन्नी कालड़ा का संघर्ष नपा कर्मचारियों के लिए रंग लाया। पालिका द्वारा आठ माह पहले बिना किसी कारण के काम पर से हटाए गए 34 सफाई कर्मचारियों ने अपने हक के लिए संघर्ष का रास्ता चुना था, लेकिन 242 दिनों तक लंबे संघर्ष के बावजूद प्रशासन उनके बात सुनने तक को तैयार नहीं था।
आखिरकार समाज सेवी जगजीत सिंह व सन्नी कालड़ा ने सफाई कर्मचारियों का दर्द समझते हुए उनके समर्थन में 15 अगस्त के दिन शहीद ऊधम सिंह चौक पर अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया। शुरुआती दौर में प्रशासन आश्वासन ने अनशन तुड़वाने का प्रयास किया गया, लेकिन नाकाम रहा।
प्रशासन की अनदेखी से आजिज आकर जगजीत सिंह व सन्नी कालड़ा ने अपनी भूख हड़ताल को आमरण अनशन में बदलने का ऐलान किया। इस दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं व सामाजिक संस्थाओं ने भी जगजीत सिंह का समर्थन का भरोसा दिया। जगजीत सिंह व सन्नी कालड़ा के हौसले को देखते हुए बुधवार को चार सफाई कर्मचारी भी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
दोपहर बाद सफाई कर्मचारी अपनी प्रधान चिंतो देवी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे व प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। देर शाम एसडीएम गुहला राजेश कुमार प्रजापति, डीएसपी गुरमेल सैनी व चीका थाना प्रभारी ओम प्रकाश अनशन स्थल पर पहुंचे और जगजीत सिंह व सन्नी कालड़ा को लिखित आश्वासन दिया। उनके सहमत होने पर एसडीएम राजेश कुमार ने दोनो अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।