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Chandigarh: अब कांग्रेस भी डड्डूमाजरा में प्लांट लगाने के खिलाफ, मेयर भी अड़े, कहा-प्रस्तावित जगह पर ही लगेगा

Mon, 03 Jul 2023 02:09 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कांग्रेस ने सुझाव दिया कि अधिकारियों को पंजाब या हरियाणा के नजदीक राज्यों में 50 एकड़ बंजर भूमि खरीदने का विचार तलाशना चाहिए जो 20 लाख प्रति एकड़ पर उपलब्ध हो सकती है और इसकी लागत लगभग 10 करोड़ हो सकती है और फिर वहां प्लांट स्थापित करना चाहिए।
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गोवा से लौटने के बाद बैठक करते पार्षद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी के बाद अब कांग्रेस भी डड्डूमाजरा में नया गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के विरोध में खड़ी हो गई है। सभी पार्षदों ने गोवा से लौटने के बाद रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की के साथ एक बैठक की। इसके बाद कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्षदों का कहना है कि गोवा प्लांट की अपनी खूबियां और खामियां हैं, लेकिन इसकी तुलना चंडीगढ़ में प्रस्तावित प्लांट से नहीं की जा सकती। वहीं मेयर अनूप गुप्ता का कहना है कि प्लांट प्रस्तावित जगह पर ही लगेगा। 

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कांग्रेस के छह पार्षदों ने नॉर्थ गोवा में 250 टीडीपी और साउथ गोवा में 100 टीडीपी के प्लांट का दौरा किया। लौटने के बाद उन्होंने तय किया है कि वह डड्डूमाजरा में प्लांट के लगने का विरोध करेंगे, क्योंकि यह आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के हितों के लिए हानिकारक है। 

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सबसे पहले, गोवा में प्लांट आवासीय क्षेत्र से बहुत दूर है और डड्डूमाजरा में लगने वाला प्लांट बहुत नजदीक है। यह स्थानीय बाशिंदों के साथ अन्याय होगा। इसलिए प्लांट को कहीं और स्थानांतरित किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एच एस लक्की ने कहा कि डड्डूमाजरा और आसपास के इलाकों के निवासी कई वर्षों से पीड़ित हैं और अब सत्तारूढ़ दल, जिसने नौ वर्षों में उनके लिए कुछ नहीं किया, सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की जल्दी में है। 

उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारियों को पंजाब या हरियाणा के नजदीक राज्यों में 50 एकड़ बंजर भूमि खरीदने का विचार तलाशना चाहिए जो 20 लाख प्रति एकड़ पर उपलब्ध हो सकती है और इसकी लागत लगभग 10 करोड़ हो सकती है और फिर वहां प्लांट स्थापित करना चाहिए। 15 एकड़ का उपयोग प्लांट की स्थापना करने और बाकी का उपयोग इसके चारों ओर वन क्षेत्र विकसित करने के लिए किया जा सकता है।

राजस्व साझा करने वाली कंपनियों की तलाश करे निगम 
गोवा प्लांट वेस्ट से ऊर्जा (बिजली) प्लांट है जबकि चंडीगढ़ में प्रस्तावित प्लांट सीएनजी है जो एक अप्रचलित तकनीक है और हमें वेस्ट से ऊर्जा (बिजली) तकनीक अपनानी चाहिए। यह भी महसूस किया गया कि अधिकारियों को ऐसी कंपनियों का पता लगाना चाहिए जो नगर निगम के साथ राजस्व साझा कर सकें क्योंकि वर्तमान आरएफपी के अनुसार नगर निगम को टिपिंग शुल्क का भुगतान करने के अलावा लगभग 80 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा जो नगर निगम पर एक बड़ा बोझ होगा। एचएस लक्की ने कहा कि वह प्रशासक से अपील करते हैं कि वह जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें जो प्रतिकूल साबित हो और आने वाली पीढ़ियों के हितों को नुकसान पहुंचा सकता हो।

आप नेता छाबड़ा बोले- प्लांट से अभी से आने लगी भ्रष्टाचार की बू
पूर्व मेयर व पंजाब लार्ज इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि नगर निगम भाजपा के हाथों की कठपुतली बना हुआ है। पिछले सात साल से भाजपा के शासन में नगर निगम भ्रष्टाचार में डूब गया है, यह किसी से छिपा नहीं है। डड्डूमाजरा में भी कूड़े का पहाड़ हटाने के नाम पर लगाए जा रहे गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट से भी अभी से भाजपा के भ्रष्टाचार की बू आने लगी है। 

जिस गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट को लगाने के नाम पर पार्षदों, उनके परिवारों, अफसरों तथा डड्डूमाजरा के कुछ खास लोगों को कथित स्टडी के लिए गोवा ले जाकर शहर की जनता के टैक्स के पैसों को फिजूल खर्च किया गया है, उस प्लांट के लिए कितनी फिजूलखर्ची की जाने की तैयारी है, उसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गोवा स्टडी टूर के नाम पर जो सरकारी खजाने से सैर-सपाटा कराने का जो पाप किया है, उसको चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद कैसे धोएंगे।
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शहर के लिए गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट बेहद जरूरी है। प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित भी कह चुके हैं कि चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में डड्डूमाजरा की ही जगह तय की गई है। हाईपावर कमेटी की बैठक में पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल थे। उनके सामने यह फैसला हुआ था। - अनूप गुप्ता, मेयर

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