वन विभाग कार्यालय के सामने कुछ लोगों ने एक व्यक्ति से बीच सड़क मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और उसे जबरदस्ती उठाकर उसे ले गए। घटना पिछले साल दिसंबर की है।
आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और समझौता के लिए दबाव बनाती रही। फिर डीसीपी को शिकायत दी गई।
अब पिंजौर थाने में घटना के करीब एक महीने बाद आरोपियों के खिलाफ मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और किडनैप करने का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, विमला शर्मा ने शिकायत दी थी कि वह परवाणू के सेक्टर-4 में रहती है और वहां डिस्पोजल सामान की फैक्टरी है।
इस फैक्टरी को करीब पांच महीने पहले कालका के टिब्बी मोहल्ला निवासी हरविंद्र सिंह को किराये पर दिया था। उसका अपने घर पर कोई झगड़ा था।
इसलिए वह फैक्टरी में ही रहता था। विमला के मुताबिक, उसका लकड़ी का भी काम है। वह इसी सिलसिले में चार दिसंबर को हरविंद्र के साथ पिंजौर स्थित वन विभाग के कार्यालय आई थी।
जब काम होने के बाद दोनों निकलने लगे तो उनके पास कालका के टिब्बी मोहल्ला निवासी अमित सिंह (हरविंद्र का भाई है), उसका लड़का प्रेम कुछ अन्य लोगों के साथ आए और मारपीट करने लगे।
इसी बीच वे हरविंद्र को जबरदस्ती उठाकर ले गए। पहले भी वह कई बार हरविंद्र को जबरदस्ती लेने आए, लेकिन वह नहीं गया।
विमला के मुताबिक, चार दिसंबर को पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन पिंजौर थाना पुलिस समझौते का दबाव बनाती रही। बाद में डीसीपी को शिकायत दी गई।
इसके बाद अमित सिंह सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।