मोबाइल सिम बेचने से पहले ग्राहकों का रिहायशी प्रमाण पत्र और फोटो लेना विक्रेताओं के लिए अनिवार्य होगा। साथ ही प्रतिमाह सिम बिक्री का पूरा ब्योरा पुलिस के पास जमा कराना होगा।
दुकानदार जो ब्योरा पुलिस के पास जमा कराएंगे, उससे पुलिस ग्राहकों की पृष्ठभूमि की जांच करेगी। डीसीपी ने धारा 144 के तहत ये आदेश जारी किए हैं।
नए कनेक्शन के अलावा नया या पुराना मोबाइल खरीदने वालों से भी एक शपथ पत्र लेना होगा, जिसमें ग्राहक और मोबाइल का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
वहीं, एसटीडी व आईएसडी बूथ चलाने वालों को भी की गई कॉलों और ग्राहकों का पूरा रिकार्ड रखना होगा। अगर कोई व्यक्ति अपनी पहचान का पुख्ता सबूत देने में नाकाम रहता है तो उसकी सूचना स्थानीय पुलिस को देनी होगी।
साइबर कैफे पर भी सख्ती
साइबर कैफे के लिए भी 144 के तहत आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों के मुताबिक, असामाजिक तत्वों, अपराधियों और आतंकवादियों के साइबर कैफे पर आने की आशंका बनी रहती है और वे यहां आकर इन संस्थानों के माध्यम से कानून व्यवस्था को खराब कर सकते हैं।
साइबर कैफे मालिकों से कहा गया है कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति (जिसे वे जानते-पहचानते नहीं हैं) को अपने संस्थान से सेवाएं उपलब्ध न कराएं।
साइबर कैफे मालिक को अपने यहां आने वाले हर व्यक्ति की पहचान रजिस्टर में एंट्री करनी होगी। साथ ही पहचान पत्र की फोटो कॉपी भी लेनी होगी।