पंजाब एजी कार्यालय मंगलवार को फिर से तब चर्चा में आ गया जब डॉ. अनमोल रतन सिद्धू का इस्तीफा मंजूर होने के बाद सीनियर एडवोकेट विनोद घई को नया एडवोकेट जनरल (एजी) नियुक्त किया गया है। पंजाब में पिछले 11 माह में चार एजी बदले जा चुके हैं। जब कैप्टन अमरिंदर सिंह सिंह की सरकार थी तब अतुल नंदा एडवोकेट जनरल थे।
कैप्टन के इस्तीफे के बाद उन्होंने भी सितंबर में इस्तीफा दे दिया। चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार बनी तो सीनियर एडवोकेट एपीएस देयोल को एजी बनाया गया। उनकी नियुक्ति के कुछ दिन बाद ही उन्हें हटाकर सीनियर एडवोकेट डीएस पटवालिया को एजी बनाया गया। आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो सीनियर एडवोकेट डॉ अनमोल रतन सिंह सिद्धू को एजी बनाया गया।
अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया तो सीनियर एडवोकेट विनोद घई को एजी बनाया गया है। निजी कारणों का हवाला देते हुए अनमोल रतन सिद्धू ने 19 जुलाई को अपना इस्तीफा भेजा था। मंगलवार को उनका इस्तीफा मंजूर करते हुए मान सरकार ने विनोद घई को नया एडवोकेट जनरल नियुक्त करने की घोषणा की।
विनोद घई जाने माने क्रिमिनल लॉयर हैं और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी प्रैक्टिस करते हैं। वे देश के नामी क्रिमिनल लॉयर आरएस घई के बेटे हैं। उनके पास कई बड़े नेताओं के मामले हैं। विनोद ने 1989 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत आरंभ की। 2012 में उन्हें सीनियर एडवोकेट डेजिगनेट किया गया।
ये होंगी चुनौतियां
विनोद घई ने पंजाब एजी पद संभाल लिया है। उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में हजारों करोड़ के नशे के कारोबार मामले में हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को लेकर राज्य सरकार का मजबूती से पक्ष रखना होगा। इस मामले में केंद्रीय और राज्य की एजेंसियों की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पड़ी हैं। पंजाब की एक्साइज पॉलिसी, कई पूर्व मंत्रियों, विधायकों व अन्य राजनेताओं के खिलाफ भी दर्ज आपराधिक मामलों में पैरवी की जिम्मेदारी भी उनकी होगी।
एजी के इस्तीफे ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल: अश्वनी शर्मा
एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू के इस्तीफे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भगवंत मान सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि भगवंत मान सरकार के चार महीने के शासन काल में पंजाब के तीनों मुख्य स्तंभ गिर गए हैं। पंजाब के डीजीपी पहले ही छुट्टी पर चले गए और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चीफ सेक्रेटरी को बदल दिया और अब पंजाब के एडवोकेट जनरल ने इस्तीफा दे दिया है।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि एडवोकेट जनरल का कार्य राज्य में कानून-व्यवस्था तथा उसके मामलों को देखना होता है लेकिन पंजाब के डीजीपी पहले ही छुट्टी पर चले गए हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चीफ सेक्रेटरी को बदल दिया है। मान सरकार के एक विधायक ने पहले जालंधर फिर दूसरे विधायक ने लुधियाना में जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ झगड़ा किया।