एक दिसंबर से शहर के सभी विभागों में फिजिकल फाइलों के मूवमेंट पर पूरी तरह से पाबंदी लग जाएगी। फाइलें सिर्फ ऑनलाइन ही दौड़ेंगी। इस आदेश को प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने सबसे पहले अपने दफ्तर में लागू किया है। उन्होंने सभी विभागों के सचिवों को आदेश जारी किए हैं कि सोमवार से उनके दफ्तर में फिजिकल फाइल न भेजी जाएं। एनआईसी के ई-मॉड्यूल से ही फाइलों को भेजा जाए।
विजिलेंस विभाग के अनुसार कई लोगों की शिकायत रहती है कि जानबूझकर उनके काम को लटकाया जाता है। कई बार फिजिकल फाइल होने की वजह से फाइल को अफसर व कर्मचारी अपने पास दबाकर रखते हैं और बाद में उस पर बैक डेट से हस्ताक्षर कर दिया जाता है। इसलिए इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए एनआईसी के ई-मॉड्यूल को लागू करना जरूरी है।
सोमवार से ई-मॉड्यूल पर काम शुरू हो जाएगा इसलिए विजिलेंस विभाग के सचिव यशपाल गर्ग की अध्यक्षता में एनआईसी की तरफ से यूटी प्रशासन के कई कर्मचारियों को ई-ऑफिस की प्रक्रिया को लेकर एक ट्रेनिंग दी गई। शुक्रवार को हुई इस ट्रेनिंग में कई कर्मचारी शामिल हुए। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में ई-ऑफिस मॉड्यूल पहले से ही लागू है। कर्मियों को इसकी भी जानकारी दी गई। एनआईसी की तरफ से कर्मचारियों के सवालों के जवाब भी दिए गए। बताया गया कि 25 नवंबर को भी एक ऐसे ही ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा, ताकि अन्य कर्मचारियों के जो भी संदेह हैं उन्हें दूर किया जा सके।
ऑफलाइन चलानी है फाइल, तो उसमें लिखना होगा कारण
विजिलेंस विभाग के सचिव यशपाल गर्ग ने बीते दिनों एक आदेश जारी किया था। उसके अनुसार एक दिसंबर के बाद चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों में फिजिकल फाइलों के मूवमेंट को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अगर कोई फाइल बहुत जरूरी है तो ही उसे फिजिकल मोड पर चलाई जाएगी। हालांकि उसके लिए कारण भी फाइल पर लिखना होगा। अगर कोई विभाग ऐसा करने में असफल रहता है तो उसका कारण बताना होगा। विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा किया गया है।