चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने भी माना है कि सिटी ब्यूटीफुल में साफ-सफाई की समस्या है। धर्मपाल ने पिछले हफ्ते बुधवार को ही अपना पद संभाला था। इसके बाद से उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें लीं और शहर में विभिन्न जगहों पर गए। इसके बाद अमर उजाला के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अब भी शहर में साफ-सफाई व सड़कों के मरम्मत पर काफी काम करना बाकी है।
कहा कि चंडीगढ़ अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में काफी शांत शहर है। यहां पर फिलहाल ट्रैफिक की समस्या ज्यादा नहीं है, न ही अन्य तरह की समस्याएं हैं। हालांकि, उन्होंने महसूस किया है कि चंडीगढ़ में साफ-सफाई की कमी है। इसे लेकर वह आने वाले दिनों में एक व्यापक योजना बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि वह नगर निगम के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी बुलाएंगे और जल्द इसका कोई समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ एक हरा-भरा शहर है। यहां पर हरियाली काफी ज्यादा है, इसलिए चंडीगढ़ का नाम देश ही नहीं विदेशों में भी मशहूर है। हालांकि, चीजों को एक बार फिर से नियमित करने की जरूरत है, जिस पर आने वाले दिनों में काम किया जाएगा।
बीते दिनों पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को साफ-सफाई और बढ़ते ट्रैफिक की समस्या को लेकर काफी फटकार लगाई थी और कई सवाल भी पूछे थे। इस पर सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि वह सभी मुद्दों पर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही उन्होंने परिवहन विभाग के सचिव व अन्य अधिकारियों के साथ शहर के सार्वजनिक परिवहन की पूरी व्यवस्था की जानकारी ली है। वह शहर में अभी आए हैं, इसलिए अभी चीजों को समझ रहे हैं। हालांकि, सलाहकार धर्मपाल पहले ही कह चुके हैं कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एक असरदार विकल्प की जरूरत है। वह शहर में मेट्रो की जगह मोनो रेल चलाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।
4 जुलाई तक रोड-गलियों की सफाई का काम पूरा करने के आदेश
सलाहकार धर्मपाल मानसून में होने वाले जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए एक बैठक कर अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि मानसून में जलभराव की समस्या हो जाती है, इसलिए चार जुलाई से पहले शहर की सभी रोड-गलियों की साफ-सफाई का काम पूरा करने के आदेश दिए हैं। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा जा रहा है। सभी सीवरों को साफ किया जा रहा है, ताकि सड़कों पर जलभराव की स्थिति न हो। सलाहकार ने एक हफ्ते के अंदर सुखना चो रास्ते से सभी अवरोधों को हटाने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल कोरोना की वजह से लॉकडाउन रहा था, जिससे रोड गलियों की सफाई का काम देरी से शुरू हुआ था। इसके बाद बरसात में जगह-जगह पर गलियों में बरसाती पानी भरने की शिकायतें आई थीं।