सिविल एविएशन एरोडै्रम एवं इंस्टीट्यूट पिंजौर स्थित हवाई पट्टी में 8 वर्ष बाद आम लोगों के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के तहत पैरासैलिंग योजना आरंभ की गई।
कार्यकारी निदेशक हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन डीके पुनिया ने बताया कि सरकार द्वारा एडवेंचवर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें पिंजौर, हिसार और करनाल एयरोडै्रम में पैरासैलिंग, पैरागलाइडिंग स्पोटर्स शुरू किए गए हैं।
पिंजौर क्लब में स्पोर्ट्स क्लब के छात्रों को ही पहले पैरासैलिंग की ट्रेनिंग दी जाती थी, जो वर्ष 2007 में बंद कर दी गई थी। अब आम लोग भी इस एडवेंचर खेल का मजा केवल 300 रुपये में ले पाएंगे। दूसरे फेज में पैरागलाईडिंग और तीसरे फेज में पैरामोटरिंग एडवेंचर शुरू किए जाएंगे।
पैरामोटरिंग के लिए 2 सीटर पैरामोटरिंग विमान की जरूरत होती है। प्रस्ताव मंजूरी कि लिए सरकार को भेजा गया है। अब लोगों को मनाली जैसी दूर-दराज जगहों पर पैरामोटरिंग के लिए नहीं जाना पड़ेगा। यह सुविधा पिंजौर में ही मिलेगी।
आज कैप्टन केआई सिंह ने एजाज-उल-हक को पैरासैलिंग से पहली उड़ान भरवाई। एजाज ने बताया कि बहुत ही रोमांचक क्षण था जब वह जमीन से लगभग 150 फुट ऊंचाई पर उड़ रहा था। पिंजौर का मौसम भी पैरासैलिंग के लिहाज से बहुत अच्छा है।