गुड न्यूज, अब फ्लाइंग ट्रेनिंग लेने के इच्छुक युवाओं को एयरफोर्स की तर्ज पर एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी। आसमान में एयरक्राफ्ट्स की उड़ान के साथ-साथ इन युवाओं को अब फ्लाइट सिम्युलेटर सिस्टम से भी ट्रेंड किया जाएगा। इस सिस्टम पर बैठते ही युवा खुद को विमान के साथ आसमान में ही महसूस करेंगे और हर उस तरह की चुनौतियों का सामना करेंगे, जो विमान उड़ाने के समय पेश आती हैं।
एरो क्लब ऑफ इंडिया ने यह फ्लाइट सिम्युलेटर सिस्टम हरियाणा एविएशन विभाग को दिया है। हरियाणा एविएशन विभाग ने फिलहाल इसे अपने पिंजौर फ्लाइंग क्लब में स्थापित किया है। इस सिस्टम से न केवल सिंगल इंजन एयरक्राफ्ट बल्कि डबल इंजन एयरक्राफ्ट का भी प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाएगा। दरअसल, इस तरह की एडवांस फ्लाइंग ट्रेनिंग एयरफोर्स भी अपने पॉयलटों को करवाता है, ताकि उनकी कुशलता और बढ़ सके।
इस तरह ट्रेंड होंगे युवा
इंडियन एयरफोर्स
हरियाणा एविएशन विभाग के अंतर्गत हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन के नाम से तीन फ्लाइंग क्लब हिसार, करनाल और पिंजौर में स्थिति है। फिलहाल यहां सेना एयरक्राफ्ट्स के माध्यम से युवाओं को फ्लाइंग ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन पिंजौर फ्लाइंग क्लब की शानदार ट्रेनिंग परफोरमेंस को देखते हुए एरो क्लब ऑफ इंडिया ने फ्लाइट सिम्युलेटर सिस्टम इस क्लब को देने को फैसला किया है।
ये सिस्टम ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को कृत्रिम रूप से विमान उड़ान जैसा माहौल देता है। उन समीकरणों की प्रतिलिपि स्क्रीन पर बनाता है, जैसा की विमान उड़ रहा हो। युवा सिस्टम पर बैठकर ये सीखते हैं कि आसमान में उड़ते विमान को कैसे नियंत्रित करना है, विमान प्रणालियों के प्रभावों की प्रतिकिया क्या है और कैसे विमान बाहरी घनत्व, अशांति, हवा कतरनी, बादल, बारिश इत्यादि बाहरी कारकों पर प्रतिक्रिया करता है। युवाओं को ये भी सिखाया जाएगा कि फ्लाइट सिम्युलेटर का इस्तेमाल किन कारणों से किया जाता है।