यूटी सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने 78 नए भर्ती पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे। यह शिक्षा विभाग के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, क्योंकि चंडीगढ़ में पीजीटी में नियुक्ति 30 साल के बाद की गई है।
इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के ललित कला शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इनकी झांकी को गणतंत्र दिवस समारोह में विजेता घोषित किया था। विभाग की ओर से कौशल पाठ्यक्रमों की स्थिति, समावेशी शिक्षा को बढ़ाने के लिए उठाए कदम, बुनियादी ढांचे के विकास, उपलब्धियों और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में हाल ही में शुरू किए कार्यक्रमों का विवरण देते हुए एक प्रस्तुति दी गई।
प्रशासक ने पूरी भर्ती को पारदर्शी तरीके से करने के लिए शिक्षा विभाग को बधाई दी। इन पदों को स्वीकृत करने के लिए विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा भारत के गुरुओं ने कभी भी राजा और गरीब के बच्चों के बीच भेदभाव नहीं किया। शिक्षकों के पास संसाधनों की कमी हो सकती है लेकिन वह छात्रों द्वारा दिए सम्मान से भरे होते हैं। भारत के गौरवशाली अतीत में शिक्षकों, संरक्षकों और गुरुओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि अनुशासन और समय प्रबंधन सबसे अच्छे पाठों में से एक है, जो एक शिक्षक छात्रों को सिखा सकता है। शिक्षकों को केवल शब्दों से ही नहीं बल्कि नेतृत्व करके पढ़ाना चाहिए। पिछले महीने 68 नए भर्ती एनटीटी को नियुक्ति पत्र जारी किए थे।
साइबर खतरों और धोखाधड़ी बारे किया जागरू :
सुरक्षित इंटरनेट दिवस भी बेहतर इंटरनेट के लिए एकजुट विषय के साथ मनाया गया। राज्य सूचना अधिकारी रमेश गुप्ता ने साइबर खतरों और साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कॉलेजों और स्मार्ट स्कूलों में साइबर जागरूकता अभियान और व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासक ने साइबर जागरूकता कहानी पुस्तिका का विमोचन भी किया। प्रशासक ने कहा कि आज पूरा देश इंटरनेट का उपयोग कर रहा है लेकिन सभी को इसके फायदे और नुकसान, इंटरनेट से जुड़े खतरों के बारे में पता होना चाहिए। मौके पर विवेक प्रताप, मनदीप सिंह बराड़, प्रेरणा पुरी, अभिजीत विजय चौधरी, हरि कल्लिक्कट, हरसुहिंद्र पाल सिंह बराड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।