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Chandigarh News: प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रायपुर कलां गोशाला एवं पशु शव दाह प्लांट का किया निरीक्षण

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चंडीगढ़। 60 से अधिक गोवंश की मौत मामले में स्वयं को भी दोषी मानता हूं। मुझे डेढ़ साल हो गए आए। मेरा भी दायित्व था यहां आना... मैं इसे स्वीकार करता हूं। ये शब्द पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को रायपुर कलां गोशाला एवं पशु शव दाह प्लांट के निरीक्षण के दौरान कहे।
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प्रशासक कटारिया ने कहा कि 11 जनवरी से पशु शव दाह प्लांट की मशीनें खराब पड़ी थीं। प्लांट पर चंडीगढ़ के अलावा दूसरी जगहों से भी मृत गायों के शव जलाने के लिए लाए जाते थे। निगम की लापरवाही रही कि अगर मशीनें खराब थीं तो मृत गायों को दफनाया जाना चाहिए था। लापरवाही के कारण मृत गायाें के शव यहां इकट्ठे होते रहे और कई जंगली पक्षी इन्हें खाते रहे। यही कारण है कि कई गायों की आंखें तक निकली हुई थीं। गोशालाओं का खुद दाैरा कर प्रशासक ने अधिकारियों को बड़ा आइना दिखाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वह समय-समय पर आकर गोशाला व प्लांट का निरीक्षण करें। प्रशासक के निरीक्षण के समय उनके साथ मेयर हरप्रीत कौर बबला और निगम कमिश्नर अमित कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
गोशाला और प्लांट पर ड्यूटी रोस्टर बनाने के आदेश : प्रशासक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गोशाला में तैनात मानव संसाधन से संबंधित विस्तृत जानकारी जैसे पशु चिकित्सक, पैरा-वेटरिनरी स्टाफ एवं अन्य सहायक कर्मियों के नाम तथा उनकी दैनिक ड्यूटी रोस्टर स्पष्ट रूप से दृश्य स्थलों पर प्रदर्शित की जाए ताकि नियमित निरीक्षण एवं सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों से 24×7 निगरानी समीक्षा की जाए।
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