फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: चंडीगढ़ पुलिस के स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे प्रशासक, बेहतर काम करने वाले हुए सम्मानित

Fri, 11 Nov 2022 12:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों को राज्यपाल और उनके सलाहकार धर्म पाल ने पुरस्कृत किया। इसके अलावा पदोन्नत होने वाले कर्मचारीयों के कंधों पर बैज लगाए।
विज्ञापन
परेड की सलामी लेते प्रशासक और पंजाब के सीएम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भ्रष्टाचार के खिलाफ केवल दो साल अपने मन को पक्का कर लें। एक करोड़ रुपये की रिश्वत भी आपको धूल के बराबर लगेगी। गलत करने वाला कोई पदाधिकारी हो चाहे वीआईपी आप अपनी जिम्मेदारी निभाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करें, मैं आपके साथ खड़ा हूं। दुनिया झुकती है बस झुकाने वाला चाहिए। यह बात सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में शुक्रवार को चंडीगढ़ पुलिस के 56वें स्थापना दिवस पर पुलिसकर्मियों बधाई देते पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने कही। इस कार्यक्रम में प्रशासक बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। हालांकि इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पहुंचे लेकिन जल्दी ही कार्यक्रम से चले गए।

विज्ञापन


प्रशासक ने कहा कि यह आपके पुराने जन्मों का पुण्य है, जो आपको पुलिस में काम करने का मौका मिला है। महात्मा गांधी के जीवन से सीखें, सादा जीवन उच्च विचार। गांधी जी का कहना था कि लालच की कोई सीमा नहीं होती है। परमात्मा आवश्यकता के अनुसार सभी को देता है। अपने मन को पक्का कर लेंगे तो आपका वेतन आपके अनुसार होगा। कुछ लोगों को पदोन्नति मिली है। इसमें भूलें नहीं आपकी जिम्मेदारी बढ़ गई है।

अमेरिका में एक बार एक खबर प्रकाशित हुई थी। एक कांस्टेबल ने सीनेटर का चालान काट दिया। अमेरिका में सीनेटर के पास असीम शक्तियां हैं, उसके चालान पर बड़ा बवाल हुआ। सीनेटर ने अगले दिन बयान दिया कि मुझे दोस्त की शादी में जाना था इसलिए 125 किमी की रफ्तार में वाहन चला रहा था जबकि मानक 80 किमी प्रतिघंटे का था। यह भी कहा कि गलती मेरी थी, भाग्यशाली रहा कि उस समय मेरे पास 200 डॉलर थे, नहीं तो पूरी रात हवालात में काटनी पड़ती। कार्यक्रम के अंत में डीजीपी प्रवीर रंजन सहित कई अधिकारियों को पुलिसकर्मियों ने कुर्सी पर बैठाकर हवा में उछाला।
विज्ञापन


हर थाने में लगे मुंशी प्रेमचंद की कहानी नमक का दरोगा
प्रशासक ने कहा कि मैं कक्षा 6 में था। उस समय मुंशी प्रेमचंद की एक कहानी पढ़ी थी नमक का दरोगा। इसका मन पर काफी असर होता है। इस कहानी ने मेरे मन को बदल दिया। डीजीपी साहब इस कहानी को हर थाने में लगवाइए। पुलिस संरक्षक है इसलिए धैर्य रखना भी आपको सीखना होगा। कोई कुछ कहता है उसकी बात को सुनकर निराकरण कराना चाहिए। समाज में पुलिस की एक अलग प्रतिष्ठा है। हनुमान जी को उनकी शक्ति के बारे में याद दिलाना पड़ता था, मैं यहां भाषण देने नहीं बल्कि आपको आपकी शक्ति की पहचान कराने आया हूं।

जब मुंबई पुलिस का प्रदर्शन गिरता था तो सवाल जरूर पूछता था
प्रशासक ने कहा कि स्कॉटलैंड के गार्ड को सबसे सशक्त माना जाता है। मैं मुंबई में था तो वहां की पुलिस को नंबर एक मानता था। जब उसका प्रदर्शन गिरता था तो मैं सवाल जरूर पूछता था। केवल बॉर्डर पर देशसेवा नहीं होती है, आप भी राष्ट्रसेवा कर रहे हो। लोग घर पर ताला लगाकर आराम से बाहर मजे करते हैं तो पुलिस के भरोसे। शहर में हर रोज वीआईपी मूवमेंट, त्योहार समेत अन्य सभी कार्यक्रमों में पुलिस मुस्तैद रहती है। अनुशासन लाने के लिए इन्हें डांट भी पड़ती है, लेकिन इनका बड़ा योगदान है।  

कॉलेज की याद दिलाता है पुलिस बैंड, इसलिए टीम पूरी करने को कहा
पुलिस बैंड की प्रस्तुति देख प्रशासक ने कहा कि इसे देखकर कॉलेज की याद आती है। जब मैं यहां आया तो बताया गया कि टीम में कुछ लोग कम हैं। मैंने डीजीपी साहब को तत्काल टीम पूरी करने के लिए कहा। मैं धन्यवाद देता हूं आज पूरी टीम के साथ बैंड ने कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। इसमें कुछ पुराने तो कुछ नए कर्मचारी प्रशिक्षण लेकर पहुंचे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें