चंडीगढ़। मध्य मार्ग पर चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से कराए जा रहे री-कारपेटिंग को लेकर सेकेंड इनिंग एसोसिएशन के प्रधान आरके गर्ग ने एडवाइजर मनोज परिदा से शिकायत की है। एडवाइजर को भेजे ई-मेल में उन्होंने लिखा है कि मध्य मार्ग पर बनाई जा रही सड़क की खराब लेयर को हटाया नहीं जा रहा। बल्कि पहले से बनी सड़क पर ही री-कारपेटिंग की जा रही है, जोकि सीआरआरआई के सुझावों के खिलाफ है।
आरके गर्ग ने कहा है कि जिस तरीके से इंजीनियरिंग विभाग और नगर निगम सड़कों की री-कारपेटिंग को अंजाम दे रहा है, उसकी तत्काल प्रभाव से निगरानी की जाए। अगर ऐसे ही चलता रहा तो बारिश के बाद दोबारा सड़कों पर पानी भर जाएगा। फिलहाल, सेक्टर-26 से सड़क की री-कारपेटिंग शुरू की गई है और यह सेक्टर-27 और 19 के राउंड अबाउट के पास भवन विद्यालय स्कूल के पास हो रही है। आरके गर्ग ने बताया कि री-कारपेटिंग का यह तरीका बिलकुल ही गलत है। इस पूरे मामले की शिकायत गर्ग ने इंजीनियरिंग विभाग के इंचार्ज और फाइनेंस सेक्रेटरी अजॉय कुमार सिन्हा और एडवाइजर मनोज परिदा से की है। बताया जा रहा है कि अजॉय कुमार सिन्हा ने इसकी जांच करने की बात कही है।
सीआरआरआई ने दिया था प्रशासन को सुझाव
यूटी प्रशासन ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) से यह सुझाव मांगा था कि शहर की सड़कों को कैसे बारिश के दौरान जमा होने वाले पानी से बचाया जा सकता है। सीआरआरआई ने सर्वे कर अपनी रिपोर्ट में बताया कि चंडीगढ़ की सड़कों पर पानी इसलिए जमा हो जाता है, क्योंकि सड़कों का लेवल बढ़ता जा रहा है। बार-बार की री-कारपेटिंग से इसका लेवल लगातार ऊंचा हो रहा है। इसके बाद यूटी प्रशासन ने निर्णय लिया था कि सड़क की खराब लेयर को पहले हटाया जाएगा इसके बाद ही री-कारपेटिंग की जाएगी। पहले तो हिदायतों पर विभिन्न महकमों ने कुछ हद तक अमल किया लेकिन उसके बाद इन्हें दरकिनार कर दिया गया। न केवल नगर निगम बल्कि अब तो खुद यूटी प्रशासन भी इन हिदायतों को नहीं मान रहा और खराब लेयर को हटाए बिना उसपर ही सड़क बनाई जा रही है।