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Chandigarh News: ज्यादा दिन नहीं टिकी प्रशासन की राहत, दो-तीन दिनों में फिर दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हो सकता है बंद

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चंडीगढ़। शहर में पेट्रोल दोपहिया वाहनों का पंजीकरण फिर से अगले दो-तीन दिनों में बंद हो सकता है। यूटी प्रशासन की तरफ से ईवी नीति के तहत दी गई राहत खत्म होने जा रही है। छह दिन में करीब 1229 बाइकें बिक चुकी हैं। अब सिर्फ 380 बाइकों का कोटा ही बाकी रह गया है। रोजाना करीब 250 बाइकें बिक रही हैं। माना जा रहा है कि दो-तीन दिन में यह कोटा भी खत्म हो जाएगा।दिवाली के दौरान दोपहिया खरीदने का सपना संजोये बैठे लोगों के लिए यह बड़ा झटका है। पहले रोजाना औसतन 150 से 180 बाइकें बिकती थीं, लेकिन ईवी नीति के लागू होने के बाद से दो बार पंजीकरण बंद हो चुका है। ऐसे में इस बार राहत मिलने के बाद लोगों ने इस डर से भी बाइकें खरीदी कि कहीं फिर से पंजीकरण बंद हो गया तो वह बाइक नहीं खरीद पाएंगे। यही कारण है कि 18 अक्तूबर के बाद रोजाना 200 से 250 बाइकें रोजाना पंजीकृत हुई हैं। हालांकि, प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि नवरात्रि होने की वजह से भी बाइकें ज्यादा बिकी हैं। अब तीसरी बार कोटा बढ़ाया जाएगा या नहीं, इसे लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। उधर, दोपहिया वाहनों के शोरूम मालिकों में अफरा-तफरी का माहौल है, क्योंकि बाइक बिकेंगी नहीं तो कई शोरूम भी बंद करने पड़ेंगे। हजारों लोगों के बेरोजगार होने की भी आशंका गहरा जाएगी। ईवी नीति के लागू होने के बाद से वाहन डीलर्स प्रशासन के अधिकारियों से लेकर मंत्रालय तक के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि पंजीकरण बंद करने के बजाय लोगों को इंसेंटिव देकर प्रोत्साहित करना चाहिए। एकाएक पेट्रोल बाइक का पंजीकरण को बंद करने से डीलर्स को भी नुकसान होगा और लोगों पर भी बोझ पड़ेगा।
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कोटा बढ़ाने के लिए भाजपा-कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन, पहुंचे थे मेयर
बाइकों का पंजीकरण बंद होने के बाद 18 अक्तूबर को सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन की घोषणा मेयर अनूप गुप्ता ने की थी। प्रदर्शन में मेयर और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा भी पहुंचे। प्रदर्शन के अगले ही दिन प्रशासन ने ईवी नीति में संशोधन करके बाइकों का कोटा बढ़ा दिया, जिसके बाद पंजीकरण शुरू हो गया था। नगर निगम की सदन की बैठक में भी काफी हंगामा हुआ था। पार्षदों ने आरोप लगाया था कि प्रशासन अपने आदेश को जनता पर थोपने की कोशिश कर रहा है।

नीति के लांच होने के बाद से दो बार हो चुका संशोधन
यूटी प्रशासन ने सितंबर 2022 में ईवी नीति की घोषणा की थी और पांच साल के लिए लक्ष्य तय किए थे लेकिन प्रशासन ने कैपिंग बहुत सख्त कर दी थी, जिसके बाद तीन जुलाई को पहली बार संशोधन किया गया और बाइकों के कोटे को ढाई गुना बढ़ा दिया गया। हालांकि ये कोटा भी जल्द ही खत्म हो गया और 18 अक्तूबर को दूसरी बार नीति में संशोधन करना पड़ा। इसमें 1609 अतिरिक्त बाइकों के पंजीकरण की छूट दी गई। 19 अक्टूबर से पंजीकरण शुरू हुआ और अब वो राहत भी खत्म होने वाली है। उम्मीद जताई जा रही है कि तीसरी बार फिर नीति में संशोधन करने की जरूरत होगी, क्योंकि अगर प्रशासन ने फिर राहत नहीं दी तो एक अप्रैल 2024 से ही फिर बाइकों का पंजीकरण शुरू हो पाएगा।
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