चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने नया डीसी भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना न्यूनतम फाइव स्टार ग्रिहा रेटिंग की पुष्टि करने वाला एक अत्याधुनिक भवन बनाने की है। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग कंसल्टेंट एजेंसी की मदद लेगा। इसका टेंडर जारी कर दिया गया है। एजेंसी प्रशासन को सलाह देगी जिसके आधार पर कार्य किया जाएगा।
नया डीसी कार्यालय सेक्टर-17 स्थित शिवालिक व्यू होटल के पास खाली पड़ी जगह पर शिफ्ट किया जाना है। प्रशासन ने फैसला किया है कि यहां पर ग्रीन भवन तैयार किया जाएगा जो फाइव स्टार ग्रिहा रेटिंग के सभी मापदंड पूरे करेगा। इंजीनियरिंग विभाग ने भवन बनाने की योजना तैयार कराने के लिए एजेंसी की मदद लेने का फैसला लिया है। शर्तों के अनुसार, चार माह के अंदर इसका पूरा प्लान तैयार करना होगा जबकि 20 महीने का समय निर्माण कार्य के लिए होगा।
पांच तल वाले इस भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा एफिशिएंट वाटर फ्लो, एलईडी एफिशिएंट इंटीरियर लाइटिंग और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की भी योजना है। एसटीपी से ट्रीट होने वाले पानी को इसी भवन में ही इस्तेमाल किया जाएगा। पानी के नल भी लो फ्लो के होंगे। इनमें कम पानी आने के कारण बर्बादी नहीं होगी। डीसी ऑफिस ने जो नया प्लान सबमिट किया था उसके तहत वह नए कार्यालय में पहले तल पर ही पब्लिक डीलिंग से जुड़े विभाग रखना चाहते हैं, जिसमें एस्टेट ऑफिस, सब रजिस्ट्रार ऑफिस, कोर्ट रूम आदि शामिल हैं।
नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में बदल जाएगी पुरानी इमारत
नई इमारत के तैयार होने के बाद मौजूदा डीसी कार्यालय को नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में बदल दिया जाएगा। सेक्टर-17 के ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत यह काम होना है। इसे पूरा करने में करीब एक साल का समय लगेगा। नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट देश का एक प्रमुख संस्थान है, जिसमें आधुनिक और समकालीन भारतीय कला है। मौजूदा डीसी ऑफिस को नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में बदलने के साथ ही इसके फ्रंट में एक एम्फीथियेटर का निर्माण भी किया जाएगा।
क्या है ग्रिहा रेटिंग
ग्रिहा रेटिंग (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट) किसी भी इमारत में ऊर्जा खपत, अपशिष्ट उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने आदि जैसे पहलुओं की जांच करती है ताकि इसे संभव सीमा तक प्रतिबंधित, नियंत्रित या कम किया जा सके।