चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत पेट्रोल बाइकों के लिए तय किए कोटे की यूटी प्रशासन समीक्षा करेगा। इस संबंध में सेक्टर-17 स्थित रजिस्टरिंग व लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की तरफ से फाइल चलाई गई है। सूत्रों के अनुसार यह बैठक 28 जून को हो सकती है क्योंकि यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल और गृह व परिवहन सचिव नितिन यादव ब्रिटेन के दौरे पर हैं। उनके आने के बाद ही यह समीक्षा बैठक होगी। बीते दिनों आरएलए ने स्पष्ट कर दिया है कि जुलाई के पहले हफ्ते के बाद पेट्रोल की बाइकों का रजिस्ट्रेशन बंद हो सकता है क्योंकि ईवी नीति के अनुसार नॉन-इलेक्ट्रिक बाइकों का कोटा समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वह रजिस्ट्रेशन बंद कर देंगे। समीक्षा बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए पेट्रोल बाइकों के पंजीकरण के लिए कोटा बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन के कई अधिकारी भी रजिस्ट्रेशन की संख्या को बढ़ाने के पक्ष में है, क्योंकि अचानक से पेट्रोल बाइकों को बंद करने का खामियाजा डीलरों के साथ लोगों को भी उठाना पड़ेगा। ईवी नीति के तहत नॉन इलेक्ट्रिक बाइकों के लिए तय किए गए कोटे को लेकर प्रशासन के अधिकारियों की भी अलग अलग राय देखने को मिल रही है। प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी है। दूसरी तरफ कुछ अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना चाहिए, लेकिन अचानक से पेट्रोल बाइकों को बंद नहीं करना चाहिए।
प्रशासक ने भी कहा था-जरूरत पड़ी तो समीक्षा करेंगे
बीते दिनों पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें एक सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा था कि नीतियां लोगों के लिए बनती हैं। ऐसे में अगर जरूरत होगी तो उसमें संशोधन भी किया जा सकता है। इस दौरान सलाहकार धर्मपाल ने भी कहा था कि वह सभी आंकड़ों के आने का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद नीति की समीक्षा की जाएगी। बता दें कि सलाहकार धर्मपाल और गृह व परिवहन सचिव नितिन यादव ब्रिटेन के दौरे पर हैं। वो करीब 10 दिन बाद लौटेंगे।
दिसंबर में पेट्रोल-डीजल कारों का पंजीकरण हो सकता है बंद
ईवी नीति के वर्ष 2023-24 के लक्ष्य के अनुसार शहर में करीब 6202 पेट्रोल बाइकें पंजीकृत हो सकती हैं जबकि अब तक करीब साढ़े चार हजार पेट्रोल बाइकें पंजीकृत हो चुकी हैं। दूसरी तरफ इस साल के लिए पेट्रोल-डीजल कारों के रजिस्ट्रेशन का कोटा भी दिसंबर में पूरा हो सकता है। ईवी नीति के अनुसार वर्ष 2023-24 में नॉन-इलेक्ट्रिक 22626 कारों का पंजीकरण किया जा सकता है। जिस रफ्तार से गाड़ियों का पंजीकरण हो रहा है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दिसंबर तक इतनी नॉन-इलेक्ट्रिक वाहनों पंजीकरण हो जाएगा। इसके बाद आरएलए नॉन इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण भी बंद कर देगा।