प्रशासन लग्जरी बसें नहीं खरीदेगा। लक्जरी बसों (वॉल्वो) की जगह 40 एसी और 40 नॉन एसी बसें खरीदी जाएंगी।
ये एसी और नॉन एसी बसें प्रशासन खरीदी जा रहीं 98 बसों के अतिरिक्त होंगी। मंगलवार को चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में हुई स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में जेएनएनआरयूएम के तहत 54 करोड़ रुपये से खरीदी जाने वाली 60 लक्जरी बसें खरीदने के प्रस्ताव पर सहमति न बन पाने के कारण इसे रद्द कर दिया गया।
नेशनल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के तहत गठित इस कमेटी की बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रशासन केंद्र सरकार को कुल 300 बसें खरीदने का प्रस्ताव भेजेगा।
इनमें 100 बसें एसी, 100 नॉन एसी और 100 मिनी बसें होंगी। अभी सीटीयू के पास करीब 500 बसें हैं जिनमें से कई बसें कंडम हो चुकी हैं।
बैठक में यह तय हुआ कि प्रीमियम लक्जरी बसों को खरीदने में खर्च ज्यादा होगा और शहरवासियों को इनकी जरूरत नहीं है।
लक्जरी बसों को खरीदने की जगह अगर प्रशासन सामान्य एसी और नॉन एसी बसें खरीदेगा तो अच्छा रिस्पांस मिलेगा। इसके बाद बैठक में 40 एसी और 40 नॉन एसी बसें खरीदने का फैसला लिया गया।
सीटीयू वी-5 सड़कों पर नहीं चलाएगा बस
प्रशासन पिछले डेढ़ साल से 49 एसी और 49 नॉन एसी बसें खरीदने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार से पैसे भी मिल चुके हैं।
अभी तक प्रशासन इन बसों को नहीं खरीद पाया है। बैठक में मेयर सुभाष चावला ने शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए वी-5 सड़कों पर भी बसें चलाने का प्रस्ताव रखा।
अभी सिर्फ वी-3 और वी-4 सड़कों पर ही बसें चलती हैं। इस पर प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि सीटीयू फिलहाल और बसें नहीं चला सकता है।
नगर निगम चाहे तो अपनी बसें वी-5 सड़कों पर चला सकता है। शर्मा ने नगर निगम को इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को भेजने को कहा।
बैठक में सीटीयू में ड्राइवरों और कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। बैठक में वित्त सचिव वीके सिंह, गृह सचिव अनिल कुमार, परिवहन सचिव भावना गर्ग, मेयर सुभाष चावला, नगर निगम आयुक्त विवेक प्रताप सिंह और परिवहन निदेशक टीपीएस फूलका शामिल थे।