Municipal Corporation office Chandigarh
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नगर निगम की ओर से जो वेडिंग जोन तय करके मंजूरी के लिए प्रशासन को भेजे गए थे, उन्हें प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने खारिज कर दिया है। इस कारण अभी तक निगम शहर के 21 हजार से ज्यादा वेंडर लाइसेंस जारी नहीं कर पा रहा है। वहीं निगम का कहना है इसी कारण बाजारों में लोगों के पैदल चलने वाली जगह पर फड़ियां लग गईं हैं। ऐसे में लाइसेंस जारी कर तय जोन में बिठाने में दो माह का समय और लग जाएगा।
पिछले साल मई से शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू है। इस कारण फड़ी वालों के चालान नहीं काटे जा रहे हैं। सिर्फ पार्किंग में बैठे और नए वेंडर्स के चालान काटे जा रहे हैं।
ऐसे में अब निगम ने निर्णय लिया है कि प्रशासन को पत्र लिखकर कहा जाएगा कि अगर उनके द्वारा भेजे गए प्रस्तावित जोन पंसद नहीं है तो प्रशासन ने अपने स्तर पर ही वेडिंग जोन तय करके उन्हें भेज दें। वह वहीं पर ही वेंडर्स को बिठा देंगे। इससे पहले निगम ने शहर के प्रमुख बाजार सेक्टर-17, 22, 19 और 35 के वेंडर्स को 31 मार्च तक अस्थाई तौर पर लाइसेंस देने की घोषणा की थी लेकिन निगम वेडिंग जोन तय न होने के कारण ऐसा नहीं कर पाया।
प्रोविजनल लाइसेंस देने का प्रस्ताव भी खारिज
28 अप्रैल को हुई बैठक में अधिकारी यह प्रस्ताव पास करवाने के लिए लाए थे कि जब तक प्रशासन की ओर से वेडिंग जोन तय नहीं हो जाते तब तक जो इस समय हजारों वेंडर्स बैठे हैं उनसे शुल्क चार्ज किया जाए लेकिन सदन ने यह प्रस्ताव यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इससे वह लोग भी आकर सरकारी जमीन पर बैठ जाएंगे जोकि सिर्फ सर्वे के समय बैठ गए थे। ऐसे में प्रशासन पर जल्द से जल्द दबाव बनाकर वेडिंग जोन तय करवाए जाए और पक्के तौर पर एक ही बार उन्हें लाइसेंस दिए जाएं।
प्लाजा, सेक्टर-15,17 और 22 का बुरा हाल
नगर निगम, चंडीगढ़
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सलाहकार के लौटने के बाद रखेंगे अपनी बात
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि वेंडर्स को अस्थायी तौर पर लाइसेंस देकर शुल्क चार्ज करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। प्रशासन को अब पत्र लिखकर कहा जा रहा है कि वह अपने स्तर पर ही शहर में वेडिंग जोन तय कर दें। 8 अप्रैल तक सलाहकार छुट्टी पर हैं। उनके लौटने के बाद वेडिंग जोन जल्द से जल्द तय करने की बात रखी जाएगी।
एक से छह सेक्टर बनेंगे वेडिंग जोन
प्रशासन ने एक से छह सेक्टर तक के एरिया को नो वेडिंग जोन बनाने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना निगम को दे दी गई है जबकि निगम पहले से सेक्टर-17 प्लाजा को नो वेडिंग जोन बनाने का निर्णय ले चुका है। निगम नीलम थिएटर के एक तरफ वेडिंग जोन बनाना चाहता है।
तीन बार चालान काटने का प्रस्ताव हुआ पास
जिसका तीन बार बार चालान कट जाए उसका जब्त सामान रिलीज नहीं किया जाएगा। इसका निर्णय निगम ने लिया है। जबकि टाउन वेडिंग कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले वेंडर्स पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पूरे शहर में 21622 वेंडर्स का सर्वे कंपनी की ओर से किया गया है।
प्लाजा, सेक्टर-15,17 और 22 का बुरा हाल
पिछले साल से शहर में एक्ट लागू होने से सेक्टर-17 प्लाजा, सेक्टर-15,17 और 22 के बाजार का बुरा हाल है। लोगों के पैदल चलने के लिए जगह भी नहीं बची है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल वोहरा का कहना है कि दुकानों के आगे वेंडर्स बैठ गए हैं जिस कारण व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।