चंडीगढ़। शहर में कोरोना के मामले दहाई के आंकड़े से नीचे पहुंच गए हैं। वहीं, कोरोना संक्रमण दर भी 0.5 फीसदी तक पहुंच गई है। ऐसे में यूटी प्रशासन मंगलवार को कुछ अन्य रियायतें दे सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दुकानों को खोलने के समय में बढ़ोतरी के अलावा प्रशासन रॉक गार्डन को भी खोलने की मंजूरी दे सकता है।
यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इस बारे में आखिरी फैसला लेने के लिए मंगलवार को समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में उनके सलाहकार धर्मपाल पहली बार किसी वॉर रूम की बैठक में शामिल होंगे। उनके अलावा स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता, डीजीपी संजय बेनीवाल, पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम, पंचकूला और मोहाली के डीसी समेत कई अधिकारी उपस्थित रहेंगे। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में कोरोना संक्रमण की दर 0.5 फीसदी पर पहुंच चुकी है। पिछली बैठकों में लोगों को अधिकतर राहत प्रदान की जा चुकी है। ऐसे में अब दुकानों के खुलने के समय को बढ़ाने पर विचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रात 8 बजे तक दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है। इस समय को और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के शहर में मिलने से चिंता जरूर बढ़ गई है। इसलिए प्रशासक ही तय करेंगे कि दुकानों के समय को कितना बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अब सुखना लेक पर बोटिंग की भी मंजूरी दी जा चुकी है, इसलिए रॉक गार्डन को भी लोगों की सीमित संख्या के साथ खोलने पर विचार चल रहा है। हालांकि प्रशासन अभी जल्दबाजी नहीं करना चाहता है, इसलिए मिनी लॉकडाउन की कई सख्तियों को अभी भी लागू रखा जाएगा।
दूसरी लहर से प्रभावित व्यापारी मांग रहे हैं राहत
बैठक में व्यापारियों की मांग पर भी चर्चा हो सकती है, क्योंकि प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कोरोना से प्रभावित व्यापारियों को कुछ राहत देने की बात कही थी। व्यापारी पिछले कई दिनों से आर्थिक राहत देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान बिजली के बिलों के न्यूनतम चार्जिंग खत्म किए जाने चाहिए। प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य सभी प्रकार के सरकारी देनदारियों को भी माफ किया जाना चाहिए। हालांकि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसके अलावा दुकानों को खोलने के समय में भी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है।