फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: शहर के पहले सिनेमाहॉल को गिराने के पक्ष में नहीं प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन सेक्टर-22 स्थित शहर के सबसे पुराने सिनेमाहॉल किरण सिनेमा को गिराने के पक्ष में नहीं है। चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी ने हाईकोर्ट में सौंपी अपनी रिपोर्ट में अपना मंतव्य स्पष्ट करते हुए कहा है कि ली कार्बुजिए की टीम में शामिल ब्रिटिश वास्तुकार मैक्सवेल द्वारा डिजाइन किए गए शहर के इस पहले सिनेमाहॉल के स्वरूप को नहीं बदला जाना चाहिए। कमेटी ने कहा है कि इस तरह के किसी भी प्रस्ताव पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। कमेटी ने निर्णय लिया है कि सिनेमाहॉल मालिक या कंसल्टेंट सीएचएसीसी की सब कमेटी इस संबंध में दोबारा से प्रस्ताव भेजे। गौर हो कि 10 मई 2023 को आयोजित चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की बैठक में किरण सिनेमा के कंसल्टेंट की ओर से प्रस्ताव रखा गया था कि यहां मल्टीप्लेक्स बनाने के लिए सिनेमाहॉल को गिराने की इजाजत दी जाए ताकि बाहरी और अंदरूनी डिजायन में आवश्यक तब्दीली की जा सके।
विज्ञापन

कमेटी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस थियेटर को मल्टीप्लेक्स में बदलने के प्रस्ताव का पुनरीक्षण करें और अगली बैठक में इसे रखें।
वहीं, शहर के लिए प्रस्तावित 2031 के मास्टर प्लान को लेकर भी कमेटी किसी भी तरह बदलाव के पक्ष में नहीं है। हाईकोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ के फेज-1 (सेक्टर-1 से 30) के सेक्टरों में रिडेंसिफिकेशन, फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) और हेरिटेज कंजर्वेशन को लेकर मास्टर प्लान में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की बैठक बीते दिनों प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में हुई।
इसमें कहा गया कि मास्टर प्लान 2031 को बनाते वक्त हर पहलू को बेहतर तरीके से देखा गया है। सभी तरह के हेरिटेज कंजर्वेशन के मुद्दों को देखते हुए ही इस दस्तावेज को तैयार किया गया है, इसलिए इसमें किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है। इसलिए तय किया गया है कि मास्टर प्लान में बदलाव करने को लेकर केंद्र सरकार को कोई प्रस्ताव नहीं भेजा जाएगा। जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने अपार्टमेंटलाइजेशन को लेकर जो आदेश दिए थे उसमें कहा था कि हेरिटेज कमेटी की मीटिंग के बाद मास्टर प्लान में रिडेंसिफिकेशन व बाकी मुद्दों को लेकर अगर बदलाव करना है तो प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें