यदि आपके घर के पानी का मीटर खराब है तो जल्द इसे बदलवा लें नहीं तो नगर निगम मोटा जुर्माना लगाने जा रहा है। प्रशासन ने मंगलवार को संशोधित वाटर बायलाज को मंजूरी देकर इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। गृह सचिव अनुराग अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की है। यह अधिसूचना नगर निगम में भी पहुंच गई है।
इससे पहले इन संशोधनों को नगर निगम सदन भी पास कर चुका है। अब एक कनाल से ऊपर की जगह में स्थित संस्थान और कोठियों के लिए भी टरशरी वाटर कनेक्शन लेना जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए लोगों को तीन माह का समय दिया गया है। संशोधित बायलाज के अनुसार अब पानी का मीटर आप बाजार से खरीदकर भी लगवा सकते हैं। इस समय शहर में डेढ़ लाख पानी के कनेक्शन हैं, जिनमे से 45 हजार घरों के मीटर खराब पड़े हैं।
इन घरों में पानी का औसत बिल आ रहा है। स्मार्ट सिटी के मिशन के लिए जरूरी है कि शहर के सभी घरों में पानी के मीटर लगे होने चाहिए। सभी उपभोक्ताओं को एक माह का समय अपना खराब मीटर बदलने के लिए दिया गया है। अब तक नगर निगम ही मीटर खराब होने पर नया मीटर लगवाता था। अधिकारियों के अनुसार नए संशोधित बायलाज के अनुसार पानी की बचत होगी और साथ ही नगर निगम का रेवेन्यू भी बढ़ेगा।
दो कनाल से ऊपर एरिया में लगेगा एएमआर मीटर: यह भी अधिसूचना जारी की गई है कि दो कनाल से ऊपर की कोठियों और अन्य संस्थानों में एएमआर मीटर लगाएं जाएंगे। यह आटोमेटिक मीटर उपभोक्ताओं को अपनी जेब से लगाने होंगे। मीटर लगाने के लिए तीन माह का समय मिलेगा। ऐसा न करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। एएमआर मीटर खरीदने के लिए नगर निगम ही कंपनियों को शार्ट लिस्ट करेगी। वहां से उपभोक्ता मीटर खरीद सकें गे। जन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कर्मचारी जब रीडिंग लेने जाएगा तो उसे मीटर तक पहुंचने की जरूरत नहीं होगी,घर के बाहर पहुंचते ही उसे मोबाइल एवं अन्य सिस्टम पर रीडिंग आ जाएगी।
फ्लोर वाइज मीटर भी जरूरी: संशोधित बायलाज के अनुसार अब हर फ्लोर में रहने वाले परिवार को अपना अलग पानी का मीटर लेना होगा, जबकि इससे पहले पूरी कोठी में एक मीटर से भी हर फ्लोर को पानी मिल जाता था। शहर में अधिकतर मकान तीन मंजिला हैं। इससे लोगों पर मीटर का भी खर्चा बढ़ेगा। इस समय शहर में डेढ़ लाख पानी के कनेक्शन हैं।
सर्विस स्टेशनों को शेलो टयूबवेल लगाना जरूरी : संशोधित बायलाज के अनुसार अब शहर में चल रहे वाशिंग और सर्विस स्टेशनों को गाड़ियों को धोने के लिए शेलो टयूबवेल लगाना जरूरी है। अभी तक वाशिंग स्टेशन प्रतिदिन लाखों लीटर पीने का पानी बर्बाद कर रहे हैं। शहर में सैकड़ों वाशिंग स्टेशन है।
बी पुरुषार्था, नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि संशोधित बायलाज की अधिसूचना जारी हो गई है। इससे पानी की बचत भी होगी।