एडीजीपी आत्महत्या मामले में शव को शिफ्ट करने को लेकर परिजनों ने आपत्ति जताई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि शव को बिना इजाजत के शिफ्ट किया गया। डीएसपी पर इसकी गाज गिरी है।
एडीजीपी आत्महत्या मामले में मृतक के परिजनों की गैर-मौजूदगी में शव को सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी से पीजीआई शिफ्ट कर दिया गया। इस पर परिवार ने आपत्ति जताई। सूत्रों के अनुसार शव को शिफ्ट किए जाने की जानकारी न तो एसएसपी को थी और न ही उनसे ऊपर के अधिकारियों को।
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जब एसएसपी ने सेक्टर-11 थाना प्रभारी जयवीर राणा से पूछा कि शव को बिना इजाजत क्यों शिफ्ट किया गया तो उन्होंने इस बात की जानकारी से इन्कार कर दिया। सेक्टर-24 चौकी प्रभारी नीरज कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शव डीएसपी उदयपाल के आदेश पर शिफ्ट किया गया था।
एसएसपी ने जब डीएसपी उदयपाल से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ शव को सेक्टर-16 अस्पताल से रिलीज करने के लिए कहा था ताकि परिजन पार्थिव शरीर के दर्शन कर सकें। इस संदेश को लेकर डीएसपी और एसआई के बीच गलतफहमी हो गई और शव सीधे पीजीआई पहुंचा दिया गया।
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शव के पीजीआई पहुंचते ही एसएसपी खुद मोर्चरी के बाहर पहुंचीं और जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही मृतक के परिजनों को यह जानकारी दी गई कि शव अब पीजीआई में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक परिवार ने पहले ही पुलिस को सूचित किया था कि पोस्टमार्टम से पहले उनकी दोनों बेटियां अंतिम दर्शन करना चाहती हैं। इस पूरे मामले के बाद डीएसपी सेंट्रल उदयपाल को हटा दिया गया।