चंडीगढ़। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोपी सबूतों के अभाव में जिला अदालत से बरी हो गया। शिकायतकर्ता युवती और आरोपी रिश्तेदार ही थे। बचाव पक्ष ने यह साबित किया कि युवक को झूठा फंसाया गया है।
बचाव पक्ष ने कहा कि दोनों में 2014 से संबंध थे। युवक के पिता ने पहले युवती से शादी के लिए सहमति दी थी लेकिन बाद में उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद ही यह आरोप लगाया गया। वकील ने कहा कि जो भी हुआ उसमें दोनों की सहमति शामिल थी। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने युवक को बरी कर दिया।
मामला 21 मार्च 2018 का है। पीड़िता ने बताया था कि युवक के बड़े भाई ने 2014 में आरोपी से उसकी मुलाकात करवाई थी। आरोपी युवक उसकी रिश्तेदारी में से है। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए। युवक ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी पीड़िता से पैसे मांगने लगा। कई बार पीड़िता ने उसे पैसे दिए। पैसे खत्म होने पर उसने पीड़िता को लोन लेने के लिए कहा, साथ ही धमकी दी कि अगर वह लोन नहीं लेगी तो वह उससे शादी नहीं करेगा। पीड़िता ने डरकर अपने नाम से एक लाख 18 हजार रुपये का लोन लिया। सारे पैसे आरोपी ने खर्च किए। जब वह पैसे भी खत्म हो गए तो युवक ने और रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर आरोपी ने पीड़िता की अश्लील फोटो नेट पर डालने की धमकी दी। आरोपी का परिवार भी उसका साथ दे रहा था। उसके बाद पीड़िता अपने परिवार के साथ युवक के घर पहुंची, जहां पर आरोपीके परिवार वालों ने शादी के लिए तीन लाख रुपये मांगे। इसके कुछ दिन बाद पीड़िता अपनी बहन के साथ युवक के घर पहुंची तो युवक ने फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया था।