-10 दिनों के अंदर कुल 192 बच्चों को छुड़ाया गया, भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई: डॉ. बलजीत कौर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार का बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान जारी है। शनिवार को जिला बाल सुरक्षा टीमों ने जीवनजोत अभियान के तहत 16 जिलों में चेकिंग की और 4 भीख मांगते बच्चों को मुक्त करवाया। बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, फाजिल्का, होशियारपुर, मलेरकोटला, मोगा, पटियाला, रूपनगर, मोहाली, एसबीएस नगर, श्री मुक्तसर साहिब और तरनतारन में यह चेकिंग की गई।
अभियान के दौरान फाजिल्का और पटियाला से 2-2 बच्चों को बचाया गया। फाजिल्का के दो बच्चों को दस्तावेज़ जांच और माता-पिता की काउंसलिंग के बाद घर भेज दिया गया है। बाकी दो बच्चों की पहचान और जांच प्रक्रिया अभी जारी है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। माता-पिता या अन्य कोई व्यक्ति अगर बच्चों को भीख मंगवाने के लिए मजबूर करता पाया गया तो न केवल उन्हें अयोग्य संरक्षक घोषित किया जाएगा बल्कि कानून के तहत 5 से 20 वर्ष तक की सजा भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल बच्चों को भीख मांगने से रोकने का प्रयास नहीं है बल्कि उन्हें बेहतर शिक्षा, भोजन, आवास और सम्मानजनक जीवन देने की भी एक पहल है।