चंडीगढ़। शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले 20 सेनेटरी इंस्पेक्टर और ड्राइवरों के खिलाफ नगर निगम कार्रवाई करने जा रहा है। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर ने औचक निरीक्षण में पाया कि डंपिंग ग्राउंड पर शहर से कचरा भरकर ले जाने वाली गाड़ियों में आधे से भी कम कचरा भरा था। म्युनिसिपल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (एमओएच) डॉ. एपी सिंह ने संबंधित क्षेत्र के सेनेटरी इंस्पेक्टर और ड्राइवर के खिलाफ कमिश्नर केके यादव को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की संस्तुति की है। इसके साथ ही टीम को अचानक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
एमओएच ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में देखा गया कि ज्यादातर सहज सफाई केंद्र कचरे से भरे हैं। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की एक टीम बनाई गई। टीम को औचक निरीक्षण करने को कहा गया। शनिवार सुबह टीम डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड पर औचक निरीक्षण करने पहुंच गई। जहां कचरा वजन किया जा रहा था। यहां 20 ट्रक लाइन में खड़े थे। सभी ट्रकों का कचरा चेक किया गया तो मिला कि किसी में आधा ट्रक तो किसी में आधे से भी कम कचरा था। टीम ने सभी ट्रकों के नंबर नोट किए। उसके बाद संबंधित क्षेत्र के ड्राइवर और सेनेटरी इंस्पेक्टर का नाम नोट किया। पूरी रिपोर्ट बनाकर एमओएच को दे दी। एमओएच ने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट को संलग्न करते हुए नोट बनाकर कमिश्नर केके यादव को पत्र लिखा है। इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की संस्तुति की है। फिलहाल कमिश्नर स्पेन गए हुए हैं। वहां से वापस लौटने के बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
डंपिंग ग्राउंड पर कचरा लेने वाले कर्मचारी भी संदेह के घेरे में
मामले में डंपिंग ग्राउंड पर कचरा वजन करने वाले निगम के कर्मचारियों की भी भूमिका के बारे में भी जांच होगी। क्यों कि अपने क्षेत्र से कचरा लेकर जाने वाली गाड़ियों की संख्या गिनवाने का खेल केवल ड्राइवर या सेनेटरी इंस्पेक्टर के स्तर पर नहीं हो सकता है। इसमें अन्य कर्मचारियों के शामिल होने की भी आशंका है। एमओएच ने चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर को इन कर्मचारियों पर भी नजर रखने को कहा है।
डीजल के खर्चे केसाथ एसएसके में बढ़ रहा कचरा
कर्मचारी अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा गाड़ियों के चक्कर लगवाने के लिए इस तरह की लापरवाही करते थे। इस कारण गाड़ियों व ट्रैक्टरों में लगने वाले डीजल का खर्चा भी निगम पर पड़ रहा था। उस स्तर की सफाई क्षेत्र में दिख नहीं रही थी। सहज सफाई केंद्र कचरे से भरे थे। इस संबंध में जांच के बाद डीजल चोरी के खेल की पोल भी खुल सकती है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है कर्मचारियों की लापरवाही
कुछ दिन पूर्व ऐसे ही रात के समय कुछ गाड़ियां अवैध रूप से डंपिंग ग्राउंड पर कचरा डालकर निकल जा रही थीं। डड्डूमाजरा के लोगों ने रात में एक दिन गाड़ी को पकड़ लिया। तब पता चला कि सेनेटरी इंस्पेक्टर की लापरवाही के कारण हॉर्टिकल्चर वेस्ट डंपिंग ग्राउंड में भेजा जा रहा था। मेयर राजेश कालिया ने जाकर मामला जैसे तैसे शांत कराया। उसके बाद फिर कर्मचारियों ने रात में कचरा फेंकना शुरू कर दिया था। लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। मेयर ने रात में ही जाकर एमओएच और कमिश्नर को मामले की जानकारी दी। उसकेबाद आश्वासन दिया कि अब यहां कचरा नहीं फेंका जाएगा।
कोट
लगातार मिल रहीं शिकायतों केबाद चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों की एक टीम बनाई थी। औचक निरीक्षण में टीम को काम में लापरवाही मिली है। कमिश्नर को संबंधित सेनेटरी इंस्पेक्टर और ड्राइवरों केखिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है। जल्द कार्रवाई होगी। वहीं, चेकिंग भी लगातार चलेगी।
-डॉ एपी सिंह, एमओएच