प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के आश्वासन के 20 दिन बाद भी नगर निगम को अतिरिक्त फंड नहीं मिला है। निगम के पास केवल दो माह का वेतन देने के लिए ही फंड बचा है। ऐसे में अकाउंट डिपार्टमेंट ने कर्मचारियों के डेढ़ करोड़ रुपये के डीयरनेस अलाउंस (डीए) की किस्त रोक ली है।
अकाउंट डिपार्टमेंट का कहना है कि केवल एमओएच का ही 63 लाख रुपये का डीए बकाया है। फिलहाल, दो माह का वेतन देने का फंड ही निगम के पास बचा है। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों को दी जाने वाली 10 प्रतिशत डीए की किस्त रोक ली है। फिलहाल कर्मचारियों को सैलरी ही दी गई है।
वहीं, कुछ ठेकेदारों को भी थोड़ा-थोड़ा पेमेंट किया जा रहा है ताकि ठेकेदार काम बंद न करें। अधिकारियों ने बताया कि निगम के सभी कर्मचारियों को डीए देने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये चाहिए। 8 नवंबर को मेयर राजेश कालिया व कमिश्नर केके यादव के नेतृत्व में सभी पार्षद प्रशासक के पास फंड की समस्या बताने पहुंचे थे। प्रशासक ने 152 करोड़ का अतिरिक्त फंड देने का आश्वासन भी दिया था। आश्वासन तो मिल गया, लेकिन फंड अब तक नहीं मिला।
वहीं, कमिश्नर केके यादव स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्पेन गए हुए हैं और स्पेशल कमिश्नर दिल्ली में राजपथ झांकी का प्रजेंटेशन देने केलिए दिल्ली गए हैं। दोनों ही अधिकारी के लौटने तक अतिरिक्त फंड आने की उम्मीद भी नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन से अतिरिक्त फंड रुके हुए कार्यों और विकास कार्य बंद न हों, इसलिए दिए गए थे, लेकिन आश्वासन केबाद प्रशासन ने चुप्पी साध ली है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दो माह का वेतन देने का ही रुपया पास में है। ठेकेदारों का बकाया भी लगातार चुकाया जा रहा है। ऐसे में डीए देना संभव ही नहीं है।