चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शुक्रवार को सेक्टर-56 में तीन मकानों पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान एक मकान को खाली भी कराया गया, जिसके आवंटन को कुछ दिन पहले बोर्ड ने रद्द कर दिया था। बोर्ड की इस कार्रवाई का स्थानीय पार्षद मुनव्वर व अन्य लोगों ने विरोध किया, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पार्षद ने पुलिस पर बदसलूकी का भी आरोप लगाया है।
बोर्ड ने शुक्रवार को सेक्टर-56 में तीन मकानों में अवैध निर्माण को गिरा दिया। इस कार्रवाई में आए खर्च को भी मकान मालिकों से ही वसूला जाएगा। साथ ही बोर्ड की तरफ से एक मकान को खाली करवाकर सील भी कर दिया गया। इस मकान को अलॉटमेंट के 15 साल के अंदर ही आगे बेच दिया गया था, जिसके चलते ही घर से सामान निकालकर सील किया गया। बोर्ड की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने भी जमकर विरोध किया, जिसके चलते मौके पर मौजूद पुलिस बल व लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पार्षद मुनव्वर ने कहा कि कॉलोनीवासी शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे व अधिकारियों से बातचीत के जरिए इस मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लोगों के साथ बदसलूकी की गई और पार्षद व उनके चार साथियों को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले गई। पार्षद ने कहा कि सीएचबी कॉलोनियों में बसे गरीब लोगों के घरों को तोड़ने के बजाय पहले चंडीगढ़ के सेक्टरों में अतिक्रमण को तोड़ने का काम करे।
न करें अवैध निर्माण : यशपाल गर्ग
हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड नए निर्माणों की सूचना मिलने के साथ ही तुरंत उसे तोड़ देता है। उस पर आने वाला खर्च भी आवंटी से ही वसूला जाता है। भवन उल्लंघन की वजह से सिर्फ मकान का स्ट्रक्चर ही नहीं खराब होता बल्कि साथ लगते घर भी असुरक्षित हो जाते हैं इसलिए उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि वह अवैध निर्माण न करें।