विवाह से पहले नाबालिग रहते पत्नी से दुष्कर्म के आरोपी को राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसे नियमित जमानत दे दी है। याचिका दाखिल करते हुए फरीदाबाद निवासी युवक ने हाईकोर्ट को बताया कि उसका विवाह शिकायतकर्ता से 25 जून 2021 को हुआ था। शिकायतकर्ता की जन्म तिथि 23 सितंबर 2001 की है और ऐसे में विवाह के समय वह बालिग थी।
14 सितंबर 2021 को वह अपने मायके चली गई जिसके बाद याची उससे संपर्क नहीं कर पाया। इसके बाद वैवाहिक संबंधों को बहाल करने के लिए याची ने 21 अक्तूबर 2021 को हिंदू मैरिज एक्ट के तहत याचिका दाखिल कर दी। इसके बाद 17 नवंबर 2021 को याची की पत्नी ने पुलिस को शिकायत दी कि जब वह 17 साल की थी तो याची ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली और तब से याची हिरासत में है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उसे नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने दुष्कर्म की कोई तिथि नहीं बताई। शिकायत दर्ज करवाने में भी दो साल का समय लिया गया जो बहुत अधिक है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हालात को देखते हुए याची को नियमित जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।