चंडीगढ़। जिला अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार तीन युवकों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। बरी होने वाले युवकों की पहचान मलोया कालोनी निवासी योगेश, सेक्टर 41 निवासी जतिंद्र और गांव कांसल निवासी राजू के रूप में हुई थी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इनके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
दर्ज मामले के अनुसार पंजाब के संगरूर निवासी अंकित ग्रोवर ने मई 2018 में पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने सेक्टर-9 स्थित इमरजिंग इंडिया हाउसिंग कोऑपरेटिव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 4.50 लाख रुपये लेने थे। वह अपने दिए हुए पैसे वापस लेने आया तो उक्त कंपनी में तैनात मलोया निवासी बाउंसर योगेश की उससे बहस हो गई। बहस होने के बाद योगेश ने बूमबॉक्स के बाउंसर जतिंद्र व एक अन्य दोस्त राजू को वहां बुला लिया। जैसे ही अंकित ग्रोवर शोरूम के नीचे आया तो तीनों ने उसे घेर लिया। यह देख गाड़ी में बैठे अंकित के दोस्तों ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। इसके बाद मौके पर हवलदार दिलावर सिंह व कांस्टेबल बलकार मौके पर पहुंचे। इतने में योगेश ने पिस्तौल निकाली और ट्रिगर दबा दिया, लेकिन गोली किसी तरह अंदर ही फंसी रह गई, जिसके चलते अंकित बाल-बाल बच गया। पुलिस ने मौके से योगेश व जतिंद्र को मौके से गिरफ्तार कर लिया था, जबकि आरोपी राजू वहां से फरार होने में कामयाब हो गया था। पुलिस ने मामले में सभी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।