हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और मासिक आकलन परीक्षा के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से निर्णय लिया गया है कि लगातार सात दिन तक स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों का नाम स्कूल के दाखिला रजिस्टर से काट दिया जाएगा।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे विद्यार्थियों के नाम एक अलग रजिस्टर में ड्राप आउट श्रेणी में दर्ज किए जाएंगे। ऐसे विद्यार्थियों को स्कूल वापस लाने का प्रयास भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे विद्यार्थी शैक्षणिक स्तर के दौरान दाखिले के लिए दोबारा आवेदन करते हैं तो स्कूल प्रधान उन्हें तुरंत स्कूल में दाखिला दे देंगे।
स्कूलों में जिला स्तरीय निरीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति और दाखिल बच्चों की संख्या में बहुत अंतर है। शिक्षक संघों ने भी विभाग के साथ बैठक में बताया है कि स्कूल से अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावक भी बच्चों की स्कूल में उपस्थिति के बारे में गंभीर नहीं हैं।
मासिक परीक्षा के परिणाम वेबसाइट पर: शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में इस साल जनवरी, फरवरी और मार्च में मासिक आकलन परीक्षाएं आयोजित की थी। इन मासिक परीक्षाओं के परिणाम विभाग की वेबसाइट harprathmik.gov.in/ पर अपलोड किए गए हैं। विभाग ने प्रवक्ता ने कहा कि औसतन 94 प्रतिशत विद्यार्थियों ने यह मासिक परीक्षाएं दीं। जबकि 98 प्रतिशत स्कूलों ने विभागीय वेब पोर्टल पर डाटा अपलोड किया है।
मासिक परीक्षा में भी अनुपस्थित रहे विद्यार्थी: सरकारी स्कूलों में मासिक परीक्षाओं के दौरान भी विद्यार्थी अनुपस्थित रहे, जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने अब यह निर्णय लिया है कि मासिक परीक्षाओं के दौरान अनुपस्थित विद्यार्थी जो परीक्षा नहीं देंगे, उन्हें छात्रवृत्ति या प्रोत्साहन का लाभ उन्हें नहीं दिया जाएगा।
यदि कोई विद्यार्थी किसी उचित कारण से मासिक परीक्षा देने में असमर्थ होता है तो वह अपनी कक्षा या विषय अध्यापक से आग्रह करके दोबारा परीक्षा दे सकता है। उन्होंने कहा कि मासिक परीक्षा लेने के बाद संबंधित अध्यापक द्वारा विद्यार्थी का परीक्षा आकलन परिणाम विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के बाद ही विद्यार्थी छात्रवृत्ति या प्रोत्साहनों के लिए पात्र होगा।
परीक्षा परिणाम अपलोड होने पर ही मिलेगा प्रिंसीपल को वेतन: विभाग ने तय किया है कि जो स्कूल विभागीय वेब पोर्टल पर मासिक परीक्षा परिणामों को समय पर अपलोड नहीं करेंगे, उनके प्रधान का वेतन अस्थाई तौर पर रोक लिया जाएगा। परीक्षा परिणामों के अपलोड किए जाने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा।