चंडीगढ़। पंजाब के शेर अभिषेक शर्मा का बल्ला फाइनल मैच में ऐसा गरजा कि मुकाबला एकतरफा हो गया। जैसे ही दूसरी बार आईसीसी टी-20 विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी भारत की झोली में आई, ट्राइसिटी जश्न में डूब गई। पटाखों के शोर से पूरा इलाका गूंज उठा। शहर के कई हिस्सों में जश्न मनाया गया, लेकिन अरोमा चौक पर सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला। यहां इतनी भीड़ उमड़ी कि लोगों को सड़क से हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
सेक्टर-22 और पंजाब यूनिवर्सिटी में बड़ी स्क्रीन पर मैच देखने पहुंचे हजारों क्रिकेट प्रेमियों के बीच ऐसा माहौल बना कि पूरा इलाका मिनी स्टेडियम में बदल गया। लोगों ने अपने घरों से भी टीम इंडिया के लिए तालियां और सीटियां बजाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। जैसे ही भारत की जीत तय हुई, पटाखों और आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। ढोल की थाप पर युवाओं ने भंगड़ा डाला और हर कोई जीत के जश्न में झूमता नजर आया। हर हाथ में तिरंगा था और हर जुबां पर इंडिया-इंडिया के साथ सैमसन-सैमसन के नारे गूंज रहे थे। पूरे ट्राइसिटी में देर रात तक जीत का उत्साह देखने को मिला।
दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़
मैच के दौरान जैसे ही अभिषेक शर्मा की गेंद पर डफी का कैच बाउंड्री के पास तिलक वर्मा ने लपका, दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई। संजू सैमसन, इशान किशन और अभिषेक शर्मा के हर चौके-छक्के पर दर्शकों ने सीटियां बजाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। वहीं शिवम दुबे की तूफानी बल्लेबाजी ने माहौल को चरम पर पहुंचा दिया।
फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, लेकिन उसका असली रंग चंडीगढ़ समेत पूरे ट्राइसिटी में देखने को मिला। क्लबों, रेस्टोरेंट, मार्केट और विश्वविद्यालय परिसरों में बड़ी स्क्रीन लगाकर क्रिकेट प्रेमियों ने इस महामुकाबले का रोमांच साझा किया। पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग में भी छात्रों ने स्क्रीन के सामने बैठकर मैच का जमकर लुत्फ उठाया और जीत पर नाचते-गाते नजर आए। सेक्टर-22 में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बड़ी संख्या में परिवारों के साथ पहुंचे थे। तिरंगा लहराते हुए लोग हर छक्के पर “जीतेगा भाई जीतेगा, इंडिया जीतेगा के नारे लगा रहे थे। एक प्रशंसक तो भारतीय टीम की जीत को लेकर इतना आश्वस्त था कि वह विश्व कप की विजेता ट्रॉफी की प्रतिकृति हाथ में लेकर ही पहुंच गया।
पूर्व क्रिकेटरों ने दी बधाई
टीम इंडिया ने दिखा दिया, क्यों कहा जाता है नंबर-1
शहर के पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिनेश मोंगिया ने कहा कि भारत को शुरू से ही वर्ल्ड कप का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल और फिर फाइनल में अपनी ताकत साबित की। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने दिखा दिया कि उसे दुनिया की नंबर-वन टीम क्यों कहा जाता है।
टीम इंडिया किसी से कम नहीं
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रतिंदर सिंह सोढ़ी ने कहा कि भारतीय टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह किसी भी टीम से कम नहीं है। टीम की आक्रामक बल्लेबाजी रणनीति काबिल-ए-तारीफ रही, जिसमें बल्लेबाज पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने की मानसिकता के साथ उतरे।
जीत पर पूरे देश को गर्व
2012 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे संदीप शर्मा ने कहा कि टीम इंडिया की इस जीत पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में विदेशी गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से भारत को यह खिताब दिलाया।