इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) विधायक अभय चौटाला को मंगलवार को विधानसभा स्पीकर कंवरपाल गुज्जर ने नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी से हटा दिया। दरअसल इनेलो छोड़कर भाजपा में जाने वाले केहर सिंह रावत और रणबीर गंगवा ने विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया है। इसके कारण हरियाणा विधानसभा में इनेलो का संख्या बल कम हो गया है।
अभय चौटाला से नेता प्रतिपक्ष से जुड़ीं तमाम सुविधाएं भी वापस ले ली गई है। इस पूरे प्रकरण में जहां इनेलो ने विधानसभा स्पीकर पर ही निशाना साध दिया है, वहीं जजपा ने इसे इनेलो की जनता के बीच भी विफलता करार दिया है।
विधानसभा कार्यालय में 20 मार्च को नलवा से विधायक रणदीप गंगवा का और 24 मार्च को हथीन से विधायक केहर सिंह रावत का इस्तीफा पहुंच गया था। मैं काफी दिनों बाद मंगलवार को अपने कार्यालय में पहुंचा तो मुझे इन इस्तीफों की जानकारी दी गई। मैंने सारे घटनाक्रम की समीक्षा की और विधानसभा में इनेलो के विधायकों की कम संख्या बल होने की वजह से अभय चौटाला को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाना पड़ा।
- कंवरपाल गुज्जर, स्पीकर, हरियाणा विधानसभा
इनेलो विधायक दौलतपुरिया ने बागियों केखिलाफ डाली याचिका
इनेलो में इसी उठापटक के चलते फतेहाबाद से इनेलो के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने स्पीकर के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए इनेलो के बागी विधायक नैना चौटाला, अनूप धानक, राजदीप फौगाट और पिरथी सिंह नंबरदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इन विधायकों की गतिविधियां पार्टी के खिलाफ है और ये विधायक बिना इनेलो से इस्तीफा देकर जजपा में शामिल हो गए हैं, इसलिए दलबदल कानून के तहत इन बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए। विस स्पीकर कंवरपाल गुज्जर ने कहा कि याचिका के तहत वह दोनों पक्षों को तलब कर उनकी सुनवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि इस याचिका पर भी जल्द फैसला किया जाएगा।