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Chandigarh News: मेरा पानी-मेरी विरासत योजना पर अभय चौटाला ने उठाए सवाल, घटने के बजाय बढ़ गया धान का रकबा

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-चौटाला का आरोप-योजना पर करोड़ों रुपये खर्च लेकिन नहीं हुआ लाभ
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-सीबीआई या हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराने की मांग

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना पर सवाल उठाते हुए इसे अव्यवहारिक और भ्रष्ट योजना करार दिया है। चौटाला का आरोप है कि पिछले तीन साल में इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन प्रदेश में धान का रकबा घटने के बजाय बढ़ गया है। जबकि सरकार की ओर से हर साल 2.5 लाख हेक्टेयर में धान का रकबा कम करने का लक्ष्य रखा गया था। इसलिए इसकी जांच सीबीआई से उच्च न्यायालय की निगरानी में करवाई जाए।
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फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से 6 मई, 2020 से योजना शुरू की गई थी। धान के बजाय चना आदि बोने वालों को 7,000 रुपये प्रति एकड़ के सरकारी प्रोत्साहन की घोषणा की। अचंभे की बात यह है कि हजारों करोड़ रुपये बर्बाद करने के बाद भी हरियाणा में धान की बुआई क्षेत्र कम होने के बजाय उलटा बढ़ा है और धान प्रदेश के नए क्षेत्रों जैसे सिरसा, फतेहाबाद आदि जिलों में भी बोई जाने लगी है।
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