आठ साल बाद चंडीगढ़ क्लब को नया अध्यक्ष मिल गया। शनिवार को हुई वोटिंग की रविवार को गिनती हुई। इसमें सुनील खन्ना ने अध्यक्ष पद पर 128 वोट से जीत दर्ज की। मजेदार बात रही कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई धांधली से सबक लेकर मतगणना को पारदर्शी बनाने के लिए काउंटिंग की वीडियोग्राफी करवाई गई और इसे लाइव दिखाया गया। मतगणना करने वाले अधिकारियों को पेन या मार्कर तक अंदर ले जाने के अनुमति नहीं थी।चंडीगढ़ क्लब के चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुनील खन्ना को 1580 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे नरेश चौधरी को 1452 वोट मिले। अध्यक्ष पद के लिए सुनील खन्ना, रनमीत सिंह चहल और नरेश चौधरी मैदान में थे। इनमें सुनील खन्ना और नरेश चौधरी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर अनुराग अग्रवाल ने बाजी मारी। उन्हें कुल 1033 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अनुराग चोपड़ा को हराया।
चंडीगढ़ क्लब के सदस्य शहर के उद्योगपति, बिजनेसमैन, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, वकील जैसी बड़ी हस्तियां शामिल हैं। वोट डालने के लिए सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व मेयर, वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ वकील, वरिष्ठ सीए, आर्किटेक्ट आदि पहुंचे थे। चंडीगढ़ क्लब के नए अध्यक्ष के तौर पर जैसे ही सुनील खन्ना के नाम की घोषणा हुई तो जश्न शुरू हो गया। क्लब में पहले से मौजूद उनके दोस्त, समर्थक और परिजन खुशी से झूम उठे। उपाध्यक्ष पद के परिणाम की घोषणा होते ही जश्न दोगुना हो गया। रात दस बजे तक आठ एग्जीक्यूटिव मेंबर की गिनती जारी थी।
कोरोना के कारण आठ साल बाद हुए चुनाव
चंडीगढ़ क्लब के चुनाव इससे पहले 2017 में हुए थे। इसके बाद 2020 में होने थे, लेकिन कोरोना के कारण चुनाव नहीं हो पाए। तत्कालीन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के ही कार्यकाल को बढ़ा दिया गया। इसके बाद से यह चुनाव लगातार टल ही रहा था। अब 2024 में आठ साल बाद चुनाव होने पर क्लब को नया अध्यक्ष मिला।
धांधली की आशंका, दो घंटे देरी से शुरू हुई मतगणना
अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत अन्य पदों के लिए शनिवार को वोटिंग हुई थी। इस दौरान दो गुटों के एजेंट के बीच हाथापाई होने के बाद रविवार को मतगणना में धांधली होने की आशंका बनी हुई थी। इसे देखते हुए सुबह 10 बजे शुरू होने वाली मतगणना दोपहर 12 बजे शुरू हो पाई। मतगणना शुरू होने से पहले कुछ मेंबर धांधली की आशंका जताते हुए वीडियोग्राफी कर प्रोजेक्टर पर दिखाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद मतगणना रूम में कैमरे लगाने के साथ वीडियो का लाइव प्रसारण लॉन में प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। गणना कक्ष में ऑर्ब्जवर, उम्मीदवार या उनकी टीम के किसी भी सदस्य को पेन या मार्कर नहीं ले जाने दिया गया ताकि मतपत्रों से कोई छेड़छाड़ न हो सके। यह सारी सावधानियां चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान हुई धांधली को देखते हुई बरती गई।
दूसरी बार अध्यक्ष बने खन्ना, जल्द सुलझाना चाहते हैं लीज विवाद
सुनील खन्ना दूसरी बार चंडीगढ़ क्लब के अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले वह 2002 में भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अपने पुराने कार्यकाल की उपलब्धियों के आधार पर वोट मांगे और मेंबर्स ने उन पर भरोसा जताते हुए विजयी बनाया। जीत के बाद खन्ना ने कहा कि क्लब की लीज का विवाद प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएंगे। वहीं, क्लब की कैटरिंग और खाने की क्वालिटी को भी बेहतर बनाया जाएगा। इसके साथ क्लब के पास हर समय 10 करोड़ रुपये रिजर्व रखे जाएंगे।