चंडीगढ़। पंजाब के निकाय चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी की निगाहें अब चंडीगढ़ के नगर निगम चुनावों पर भी है। हालांकि पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब के आठ माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव पर होगा मगर इससे दो माह पूर्व यानी इसी साल दिसंबर में चंडीगढ़ में भी नगर निगम के चुनाव प्रस्तावित हैं।
हालांकि चंडीगढ़ यूटी स्टेट है मगर पंजाब की राजधानी भी है। लिहाजा आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ में निगम चुनाव में जीत के पंजाब जैसी रणनीति के साथ उतरना चाहती है। उधर, पंजाब में निकाय चुनाव के नतीजों ने चंडीगढ़ में आप कार्यकर्ताओं और नेताओं को जोश के साथ-साथ नई ऊर्जा भी दी है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वे हाईकमान के निर्देशानुसार अब चंडीगढ़ में भी निगम चुनाव की तैयारी शुरू करेंगे।
टूट-फूट से मायूस कार्यकर्ताओं में लौटा जोश
पिछले नगर निगम चुनाव के बाद लगातार दल-बदल और संगठन में हुई टूट-फूट से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मायूस नजर आ रहे थे। हालांकि, पंजाब के निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन ने उनमें नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है। चंडीगढ़ नगर निगम के पिछले चुनाव में आप ने 35 में से 14 वार्ड जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद पार्टी को शहर में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में देखा जाने लगा लेकिन समय के साथ कई पार्षद भाजपा में शामिल हो गए जबकि कुछ नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इन घटनाओं से संगठन को बड़ा झटका लगा और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ।
निगम में दलों की स्थिति 2021 में
भाजपा 12
कांग्रेस 08
आप 14
शिअद 01
सासंद 1 भाजपा का
अब की स्थिति
भाजपा 18
कांग्रेस 8
आप 9
शिअद 00
एक सांसद कांग्रेस का
पार्टी जश्न के मूड में है। चंडीगढ़ के सभी वार्ड और बूथों की इकाइयों में ऊर्जा आ गई है। अब नगर निगम में पार्टी भाजपा को पछाड़ देगी। भाजपा की एजेंसियों की राजनीति पंजाब ने नकार दी है। -ओमकार सिंह औलख, महासचिव आप चंडीगढ़
निकाय चुनाव में सरकार का दबदबा होता है। कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया है। कांग्रेस का हौसला बुलंद है। पिछले 10 वर्षों में 9 वर्ष भाजपा का और एक साल आप का मेयर रहा। सभी फेल रहे। कांग्रेस का समय लोगों ने देखा है। पार्टी मजबूती के साथ नगर निगम चुनाव जीतेगी। -एचएस लक्की, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष