चंडीगढ़। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) भूमि घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रॉयल एस्टेट ग्रुप के निदेशक प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को मोहाली स्थित विशेष अदालत में शनिवार को पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। ईडी ने दोनों को शुक्रवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
जांच एजेंसी के अनुसार रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़ी कंपनी चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (सीआरसीपीएल) पर गमाडा का भारी बकाया था। इसके बावजूद प्रोजेक्ट से जुड़े धन को कथित तौर पर अन्य कंपनियों और संबंधित पक्षों में ट्रांसफर किया गया। ईडी को जांच में कई संदिग्ध अंतर-कंपनी लेनदेन और फंड की लेयरिंग के सुराग मिले हैं।
ईडी ने 26 मई को पीएमएलए के तहत चंडीगढ़, जीरकपुर और पंजाब के अन्य स्थानों पर रॉयल एस्टेट ग्रुप और सीआरसीपीएल से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों से जुड़े कागजात जब्त किए गए। एजेंसी के अनुसार छापेमारी प्रवीण कंसल, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल और अन्य संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के परिसरों में की गई। ईडी की जांच 19 जुलाई 2025 को मोहाली में दर्ज धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामले पर आधारित है। पुलिस जांच में आरोप है कि कंपनी ने गमाडा की वैधानिक देनदारियों का जानबूझकर भुगतान नहीं किया और करीब 32.67 करोड़ रुपये के ऐसे चेक जारी किए जो बाद में बाउंस हो गए। यह आवासीय परियोजना मोहाली के कराला गांव में विकसित की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों के धन के उपयोग और प्रोजेक्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है।