दिल्ली में विधानसभा चुनाव की गर्माहट बढ़ती जा रही है। पंजाब के दिग्गजों ने भी दिल्ली में डेरा डाल रखा है। दिल्ली चुनाव के नतीजों का असर और कहीं हो या न हो, पंजाब पर जरूर पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी ने इस प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान चार सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। पूरे देश में पार्टी की यही चार सीटें आई थीं।
पहली बार पंजाब के लोगों ने शिअद-भाजपा और कांग्रेस के बजाय किसी तीसरे विकल्प को तरजीह दी थी, लेकिन जिस तेजी से आप के पक्ष में माहौल बना, उसी तेजी से इसका ग्राफ भी गिर गया।
चंद महीनों बाद हुए पटियाला और तलवंडी साबो उप चुनाव में पार्टी प्रत्याशी जमानत तक नहीं बचा सके। अब दिल्ली में विधानसभा चुनाव हैं, जो आप का गढ़ है, जहां पार्टी एक बार सरकार भी बना चुकी है।
आप जीती तो पंजाब पर असर पड़ेगा
सियासी माहिरों का मानना है कि अगर दिल्ली में आम आदमी पार्टी वापसी करती है तो उसका सीधा असर पंजाब पर पड़ेगा। पार्टी को यहां खोया जनाधार मिलने की उम्मीद है, इसी लिए पंजाब की टीम दिल्ली में पूरा जोर लगा रही है। आप के प्रवक्ता प्रो. मनजीत सिंह ने कहा कि पिछली बार दिल्ली में ही जीत का प्रभाव था कि पार्टी ने पंजाब में चार लोकसभा सीटें जीती थीं।
इस बार भी दिल्ली में प्रदर्शन का सीधा प्रभाव पंजाब पर पड़ेगा। पंजाब में निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। आप के सूबा कंवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर पहले कह चुके हैं कि अगर दिल्ली चुनाव के बाद निकाय चुनाव हुए तो पार्टी जरूर लड़ेगी। हालांकि इसे लेकर अभी असमंजस बरकरार है।
क्योंकि फिलहाल पंजाब के सभी नेता और एक्टिव वॉलंटियर दिल्ली में डटे हैं। वहां से निपटने के बाद निकाय चुनाव की तैयारी के लिए उनके पास ज्यादा वक्त नहीं बचेगा, इसलिए निकाय चुनाव को लेकर अभी तक पार्टी की कोई बैठक भी नहीं हुई है। प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व दिल्ली चुनाव के बाद ही इस पर फैसला करने के मूड में है।
शिअद-भाजपा रिश्तों में भी आएगा बदलाव
अकाली दल और भाजपा के रिश्तों के बीच बीते दिनों जबरदस्त तल्खी आ गई थी। हालत गठबंधन टूटने तक पहुंच गए थे। लेकिन जैसे ही दिल्ली चुनाव का बिगुल बजा, तल्खी दरकिनार हो गई।
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हरियाणा और जेएंडके में शिअद पर जबरदस्त जुबानी हमले करने वाले नवजोत सिद्धू दिल्ली में चुप हैं। भाजपा के लिए भी दिल्ली का ताज अहम है, इसलिए उसे भी शिअद की जरूरत है। माना जा रहा है कि दिल्ली चुनाव के बाद शिअद-भाजपा के रिश्तों की परिभाषा भी नए सिरे से लिखी जाएगी।