आम आदमी पार्टी ने आखिरकार वीरवार को एसवाईएल मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी। इनेलो की ओर से नहर खोदने के एलान के बाद से अब तक पार्टी ने पूरी तरह इस मुद्दे पर मौन धारण कर रखा था। पर अब सांसद भगवंत मान इस पर मुखर हुए।
एसवाईएल का मुद्दा हमेशा से आप के मुसीबत बनता रहा है। क्योंकि पार्टी जिस दिल्ली में सत्ता में है, वहां भी पानी पंजाब और हरियाणा से ही जाता है। इसलिए आप नेता इस पर खुल कर कुछ भी बोलने से कतराते रहे हैं। पिछले साल की शुरुआत में पंजाब दौरे पर आए आप कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने यहां कहा कि पंजाब के पानी पर पंजाब का ही हक है। इसकी तुरंत प्रतिक्रिया हरियाणा से आई, वहां के नेताओं ने दिल्ली को जाने वाला पानी बंद करने की चेतावनी दे दी, जिसके बाद केजरीवाल को फौरन अपना स्टैंड बदलना पड़ा।
एसवाईएल पर पिछले साल के अंत में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी केजरीवाल मौन रहे। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें कई बार ललकारा। एसवाईएल पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने की चुनौती दी। अकाली दल ने भी काफी आड़े हाथों लिया। तब भी कई दिन बाद जाकर केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि पंजाब के पानी पर पंजाब का ही हक है।