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एसवाईएल पर 'आप' ने तोड़ी चुप्पी, इनेलो पर लगाए गंभीर आरोप

Fri, 24 Feb 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भगवंत मान - फोटो : File Photo
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आम आदमी पार्टी ने आखिरकार वीरवार को एसवाईएल मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी। इनेलो की ओर से नहर खोदने के एलान के बाद से अब तक पार्टी ने पूरी तरह इस मुद्दे पर मौन धारण कर रखा था। पर अब सांसद भगवंत मान इस पर मुखर हुए।
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एसवाईएल का मुद्दा हमेशा से आप के मुसीबत बनता रहा है। क्योंकि पार्टी जिस दिल्ली में सत्ता में है, वहां भी पानी पंजाब और हरियाणा से ही जाता है। इसलिए आप नेता इस पर खुल कर कुछ भी बोलने से कतराते रहे हैं। पिछले साल की शुरुआत में पंजाब दौरे पर आए आप कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने यहां कहा कि पंजाब के पानी पर पंजाब का ही हक है। इसकी तुरंत प्रतिक्रिया हरियाणा से आई, वहां के नेताओं ने दिल्ली को जाने वाला पानी बंद करने की चेतावनी दे दी, जिसके बाद केजरीवाल को फौरन अपना स्टैंड बदलना पड़ा।

एसवाईएल पर पिछले साल के अंत में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी केजरीवाल मौन रहे। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें कई बार ललकारा। एसवाईएल पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने की चुनौती दी। अकाली दल ने भी काफी आड़े हाथों लिया। तब भी कई दिन बाद जाकर केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि पंजाब के पानी पर पंजाब का ही हक है। 
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अब इनेलो की ओर से नहर खोदने के एलान के बाद यह मुद्दा फिर गर्मा गया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीमा पर सेना तैनात करने की मांग की। शिअद संरक्षक और सीएम प्रकाश सिंह बादल ने दो टूक कहा कि पंजाब का पानी नहीं जाने देंगे।

भाजपा नेताओं ने भी इनेलो पर हमला बोला। लेकिन आप के किसी नेता ने भी इस मुद्दे पर बयान नहीं दिया। आखिर वीरवार को सांसद भगवंत मान ने कहा कि पार्टी पंजाब का पानी हरियाणा नहीं जाने देगी। उन्होंने आरोप लगाया शिअद और इनेलो अपने सियासी फायदे के लिए यह मुद्दा बना रही हैं। शिअद के पिछले दस साल के शासन के दौरान इनेलो ने यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया।

अब जब शिअद की सत्ता से विदाई तय है तो इनेलो को नहर खोदने की याद आई है। मान ने कहा कि एसवाईएल के लिए कांग्रेस और शिअद ही जिम्मेदार हैं। बादल कांग्रेस पर सौतेला बर्ताव करने का आरोप लगाते रहे, पर अब एनडीए के शासन में तीन साल से चुप हैं। अगर पानी के मुद्दे पर केंद्र उनकी बात नहीं मानता तो उन्हें गठबंधन तोड़ लेना चाहिए था।
 
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