सरकार के मंत्रियों को भी इस बारे में कोई ज्ञान नहीं है। इस तरह के फैसले न केवल बेतुके हैं, बल्कि सरकार बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एक्यूप्रेशर के नाम पर बच्चों को डंडे से पिटाई करने का फरमान भी जारी कर सकती है। जयहिंद ने कहा कि इस तरह के फरमान से स्कूलों में सुधार नहीं आएगा।
शिक्षा के स्तर, बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं जिस तरह दिल्ली में मुहैया कराई गई हैं उसी तर्ज पर हरियाणा के सरकारी स्कूलों का विकास करने की जरूरत है। बच्चों को स्कूलों में दलिया खिचड़ी खिला रहे हैं। बच्चों का दिमाग तेज करना है तो सरकार उनके लिए बादाम भेजे।