दिल्ली में बढ़े आम आदमी पार्टी के ग्राफ ने हरियाणा कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली से सटे हरियाणा में अगली आहट आम आदमी पार्टी की होगी। इसका सबसे बड़ा कारण आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल का हरियाणा से ताल्लुक है।
दिल्ली में शीला दीक्षित के पैर उखाड़ने वाली आम आदमी पार्टी इस समय राष्ट्रीय बहस का मुददा बन गई है। लिहाजा केजरीवाल का अगला निशाना भी हरियाणा चुनाव होगा।
हरियाणा में पंचकूला को छोड़ कर बाकी 20 जिलों में आम आदमी पार्टी (आप) की जिला इकाइयां बन चुकी हैं। इन इकाइयों में वही सक्रिय सदस्य रखे गए हैं जो अपना पूरा समय दे सकते हैं।
फरवरी माह में करनाल में हुए राज्यस्तरीय सम्मेलन में भी इस बावत रणनीति तय हो चुकी है। इस सम्मेलन में 13 सदस्यों की राज्य कार्यकारिणी भी बन चुकी है।
इसके अलावा अंबाला, हिसार, यमुनानगर और भिवानी में ब्लाक स्तर पर भी इकाइयों का गठन लगभग पूरा हो गया है।
दो से चार दिन के अंदर आप के राजनीतिक मामलों के सदस्य योगेंद्र यादव हरियाणा का रुख करेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी तुरंत हरियाणा में सक्रिय हो जाएगी।
आने वाले लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने होमवर्क शुरू कर दिया है।