फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाबः डॉ. दलजीत सिंह को आम आदमी पार्टी से निकाला

विज्ञापन
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी से डॉ. दलजीत सिंह को निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ऑफिस ने ईमेल के जरिए ने उन्हें यह जानकारी दी। इसमें लिखा था कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उन्हें पार्टी से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन


डॉ. दलजीत ने कहा कि आप के इस कदम से उन्हें कोई हैरानी नहीं हुई है। वह भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने के लिए और राजनीति में एक नई व्यवस्था जोड़ने के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे लेकिन पार्टी के दो नेता संजय सिंह और सुच्चा सिंह छोटेपुर इसे बर्बाद करने पर तुले हैं। इसलिए पार्टी से बाहर होने के बाद वह पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं।
-------------------
गलत लोगों का साथ दे रहे केजरीवाल
मीडिया से बातचीत में डॉ. सिंह ने कहा कि पार्टी सच्चाई का सामना नहीं कर रही है। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी में की गई नियुक्तियों के बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक केजरीवाल से सीधी बातचीत की थी। उन्होंने मेरी बात सुनी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
विज्ञापन


इससे लगता है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में जो लोग शामिल हैं, उनके सिर पर केजरीवाल का हाथ है। 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए डॉ. दलजीत सिंह को 80 हजार से अधिक वोट मिले थे।
विज्ञापन

मिला था शोकॉज नोटिस

आम आदमी पार्टी की अनुशासन कमेटी के सदस्य दिनेश बघेला, आशीष खेतान और पंकज गुप्ता ने उन्हें अनुशासन तोड़ने का शोकॉज नोटिस भेजा था।

डॉ. दलजीत पर आरोप था कि उन्होंने पंजाब में आप द्वारा की गई नियुक्तियों का विरोध किया था और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह को इन नियुक्तियों पर कटघरे में खड़ा किया था। डॉ. दलजीत ने छोटेपुर को पंजाब का कन्वीनर नियुक्त करने का भी कड़ा विरोध किया था। इसके अतिरिक्त छोटेपुर जब भी अमृतसर में पार्टी के कार्यक्रम में शामिल हुए, उनका विरोध किया गया।

कोट
पार्टी के दो नेता संजय सिंह और सुच्चा सिंह छोटेपुर बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। वाहेगुरु उन्हें सद्बुद्धि दे। -डॉ.दलजीत सिंह
---कोट--
पार्टी का फैसला सही है। यह संविधान के अनुसार है। पार्टी का अनुशासन तोड़ने की आज्ञा किसी को नहीं दी जा सकती। डॉ. दलजीत सिंह को पार्टी से निकाले जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे पार्टी को कमजोर करने के साथ ही पार्टी में गुटबाजी कर रहे थे।
सुच्चा सिंह छोटेपुर, कनवीनर, आम आदमी पार्टी, पंजाब
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें